Apple का सबसे महंगे और पहले फोल्डेबल फोन की आज भारत समेत पूरी दुनिया में आधिकारिक तौर पर बिक्री शुरू हो गई. जब से ये फोन लॉन्च हुआ है, तब से इसकी कीमत को लेकर खूब चर्चा हो रही है. लेकिन भारत में 4 लाख का iPhone Duo जिस तरह हाथों हाथ बिक गया. और इतने महंगे iPhone Duo को लेने के लिए भारत में Apple स्टोर्स के बाहर की जो तस्वीरें आईं. उन्हें देखकर पाकिस्तान को झ़टका लग गया. क्योंकि एक तो पाकिस्तान में Apple का कोई ऑफिशियल ऑनलाइन या ऑफलाइन स्टोर नहीं है और होता भी तो वहां इसके खरीदार ढूंढे नहीं मिलते. क्योंकि वहां की पब्लिक तो पहले ही आटे दाल के लिए तरस रही है. और जिन ब्यूरोक्रेट्स के पास पैसे हैं वो देश छोड़कर भागने के लिए लाइन में लगे हुए हैं. आज पाठशाला में बताएंगे Apple का iPhone Duo भारत आया तो ऐसा क्या हुआ कि पाकिस्तान को झटका लग गया? साथ ही बताएंगे 4 लाख का iPhone भारत में हाथोंहाथ बिक गया.. उधर कंगाल पाकिस्तान में देश छोड़कर क्यों भाग रहे लोग?
Apple ने जब से अपना सबसे महंगा और पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है, तब से इसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. आज भारत में भी iPhone Duo की पहले सेल शुरू हुई. और कीमत को लेकर लगातर चर्चा में रहे इस 4 लाख के फोन को खरीदने के लिए भी रात से ही Apple स्टोर्स के बाहर खरीदारों की लाइनें लग गईं. और जैसे ही सुबह स्टोर्स के शटर खुले तो काउंटडाउन के बाद तालियां बजाकर खरीदारों का स्वागत किया गया.
5 मिनट में बिक गए सारे आईफोन
Apple स्टोर्स में उन्हीं खरीदारों को iPhone Duo मिल पाया. जिन्होंने पहले ही इसकी बुकिंग की हुई थी. ऐसे में दिल्ली में साकेत के Apple स्टोर में दूसरे राज्यों से लोग पहुंचे नजर आए. और ये सभी लोग कीमत की परवाह किए बिना iPhone Duo को हाथों हाथ खरीदने के लिए तैयार दिखे. अब ये भी देखिए आईफोन डुओ ने भारत में लॉन्च होते ही कैसे तहलका मचा दिया है. आईफोन डुओ को लेकर किस तरह जबरदस्त क्रेज दिख रहा है.
– क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit पर बिक्री शुरू होने के सिर्फ 5 मिनट के अंदर आईफोन डुओ पूरी तरह आउट ऑफ स्टॉक हो गया.
– Blinkit के फाउंडर अलबिंदर ढींडसा ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.
– उन्होंने बताया कि सुबह सवा 8 बजे Blinkit पर आईफोन डुओ की ब्रिकी लाइव की गई.
– और 8 बजकर 20 मिनट तक इसकी सभी यूनिट्स बिक गई.
हालांकि उन्होंने ये खुलासा नहीं किया कि बिक्री के लिए कुल कितने आईफोन डुओ रखे गए थे. ये हाल तब है जब iPhone Duo की भारत में कीमत 3 लाख से शुरू होकर साढ़े 4 लाख तक रखी गई है. आप देखिए
– 256 GB वाले बेस मॉडल की कीमत 2 लाख 99 हजार 900 रुपये है.
– 512 GB वाले मॉडल की कीमत 3 लाख 24 हजार 900 रुपये है.
– 1TB वाले मॉडल की कीमत 3 लाख 74 हजार 900 रुपये है.
– जबकि 2 TB वाले टॉप मॉडल की कीमत 4 लाख 49 हजार 900 रुपये है.
डेड इकॉनमी बताने वाले देख लें स्थिति
लेकिन इसके बावजूद भारत में Apple का अब तक सबसे महंगा iPhone Duo फोन लॉन्च होते ही धड़ाधड़ बिक गया. भारत में आईफोन डुओ की इतनी भारी डिमांड है कि Apple के लिए इसकी डिलिवरी समय से पूरी कर पाना मुश्किल हो रहा है. इसके लिए भारत में 16 अक्तूबर को प्रीऑर्डर की बुकिंग शुरू हुई. और देखते ही देखते इतनी बुकिंग हो गई कि डिलीवरी का स्लॉट जनवरी नजर आने लगा. जिस तरह भारत में Apple के 4 लाख वाले आईफोन को खरीदने के लिए लंबी लंबी लाइन लग रही हैं. वो भारत को डेड इकॉनमी बताने वाले इकोसिस्टम के लिए भी एक बड़ा झटका है.
पाकिस्तान ब्यूरोक्रेट्स भाग रहे पुर्तगाल
आप देखिए, पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए मुनीर और शहबाज कैसे पनौती बने हुए हैं. लाइन वहां भी लग रही हैं, लेकिन ये लाइन देश छोड़कर जाने वाले बड़े बड़े ब्यूरोक्रेट्स की है. ये वो ब्यूरोक्रेट्स हैं जो समझ चुके हैं कि पाकिस्तान का अब कुछ नहीं हो सकता. पाकिस्तान एक डूबता जहाज है. और वो जल्द से जल्द इस जहाज से निकल जाना चाहते हैं. इसका खुलासा खुद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने किया है. ख्वाजा आसिफ ने एक सोशल मीडियो पोस्ट में लिखा कि
– पाकिस्तान के ढाई हजार से ज्यादा ब्यूरोक्रेट्स ने देश छोड़ने का प्लान तैयार कर लिया है.
– ये ब्यूरोक्रेट्स पाकिस्तान छोड़कर कनाडा, ब्रिटेन और पुर्तगाल जैसे देशों में बस जाना चाहते हैं.
– ख्वाजा आसिफ ने देश छोड़ने की तैयारी कर चुके इन ब्यूरोक्रेट्स की वफादारी पर भी सवाल उठाए हैं.
ख्वाजा आसिफ ने लीक कर दी रिपोर्ट
ख्वाजा आसिफ के इस खुलासे से पाकिस्तान में खलबली मची हुई है. क्योंकि पहले ही हालात मुनीर और शहबाज के हाथ से निलकते दिख रहे हैँ. उस पर अगर इतनी बड़ी संख्या में बड़े बड़े ब्यूरोक्रेट्स देश छोड़ते हैं, तो पाकिस्तान का पूरी सिस्टम ही पटरी से उतर जाएगा. क्योंकि दावा किया जा रहा है कि इनमें से कई ब्यूरोक्रेट्स अलग अलग मंत्रालयों में भी तैनात हैं. इसीलिए इस खुलासे से शहबाज सरकार के होश उड़ गए हैं. क्योंकि पाकिस्तान सरकार की एक रिपोर्ट में पहले ही इसकी भनक लग चुकी थी.
– शहबाज सरकार ने जून के महीने में ही देश छोड़ने की तैयारी कर रहे ब्यूरोक्रेट्स पर नकेल कसने के लिए एक आदेश भी जारी किया.
– जिसमें पाकिस्तान के ब्यूरोक्रेट्स से दूसरे देश की नागरिकता और पासपोर्ट की जानकारी मांग गई.
– ये भी जानकारी मांगी गई है कि उन्होंने विदेश में कहां कहां निवेश किया है और प्रॉपर्टी खरीदी हैं.
– पाकिस्तान के ब्यूरोक्रेट्स को ये सारी जानकारी देने के लिए 90 दिन की समय दिया गया.
और जब 90 दिनों की समय सीमा पूरी होने पर रिपोर्ट बनाई गई, तो शहबाज मुनीर के पैरों तल जमीन खिसक गई. पाकिस्तान की किरकिरी होता देख मुनीर और शहबाज इस रिपोर्ट के दबाने में जुट गए. लेकिन ख्वाजा आसिफ ने रिपोर्ट लीक कर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
पाकिस्तान वाले समझ चुके कंगाल देश की हकीकत
साफ है कि पाकिस्तान के लोग समझ चुके हैं कि उनका देश अब कंगालिस्तान बनने वाला है. जिसकी गवाही GDP ग्रोथ के आंकड़े भी दे रहे हैं. आप देखिए
– जहां फाइनेंशिल ईयर 2026-27 के पहले क्वार्टर में भारत की 7.8 GDP ग्रोथ ने पूरी दुनिया को चौंका दिया.
– वहीं पाकिस्तान की GDP ग्रोथ के आंकड़ों ने वहां की जनता हैरान और परेशान कर दिया है.
– पाकिस्तान का फाइनेंशियल ईयर 1 जुलाई से 30 जून तक चलता है.
– और फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के अप्रैल से जून वाली आखिरी तिमाही में पाकिस्तान की GDP ग्रोथ गिरकर 2 परसेंट पर आ गई है.
भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर
एक तरफ दुनिया भर में मची उथल पुथल के बीच प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की इकॉनमी लगातार मजबूत हो रही है. भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनता दिख रहा है. Fitch, S&P, OECD, ADB और Moody’s जैसी बड़ी ग्लोबल एजेंसियां भारत के ग्रोथ का अनुमान बढ़ा रही हैं. वहीं पाकिस्तान के बुरे दिन खत्म होते नहीं दिख रहे हैं. आप देखिए
– ग्लोबल एजेंसियों ने पहले फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए पाकिस्तान की GDP ग्रोथ का अनुमान 4 परसेंट से घटाकर 3.7 परसेंट किया.
– और अब फिर से उसे और घटाकर 3.65 परसेंट कर दिया है.
– वहीं जिस IMF के सामने पाकिस्तान भीख के लिए कटोरा लिए खड़ा रहता है, उसने भी 2026 में पाकिस्तान की इकॉनमी में 1.3 परसेंट की गिरावट आने की भविष्यवाणी कर दी है.
पीएम मोदी ने आपदा को अवसर में बदल दिया
अब ये भी देखिए जहां दुनिया के बड़े बड़े देशों के लिए रूस यूक्रेन युद्ध एक आपदा साबित हो रहा है. उसे प्रधानमंत्री मोदी ने कैसे अवसर में बदलकर दिखाया है. दुनिया भर के टॉप सप्लायर्स के आंकड़े तैयार करने वाली एजेंसी ट्रेड डाटा मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक
– रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यूरोप के देशों को भारतीय हथियारों और गोला बारूद की एक्सपोर्ट तेजी से बढ़ा है.
– युद्ध के पहले 4 सालों में ये आंकड़ा करीब पौने 5 सौ करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 8 हजार करोड़ के पास पहुंच गया है.
– यानी इस दौरान यूरोप के देशों को भारत का एक्सपोर्ट करीब 16 सौ परसेंट उछला है.
– यूरोप में भारत अब गोला बारूद का दूसरा बड़ा सप्लायर बन गया है.