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Rampur to Lucknow Highway: रामपुर से प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक का सड़क मार्ग अब यात्रियों और कारोबारियों के लिए पहले से कहीं अधिक सुगम और समय बचाने वाला साबित हो रहा है. कभी बरेली और शाहजहांपुर के संकरे व भीड़भाड़ वाले रास्तों पर लगने वाले घंटों के जाम के कारण यह दूरी थका देने वाली होती थी, लेकिन अब NH-24 से जुड़े बाईपास रूट ने 330 किलोमीटर के सफर को महज 5 से साढ़े 5 घंटे का बना दिया है. चौड़े हाईवे, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं ने इस रास्ते को मुसाफिरों की पहली पसंद बना दिया है.
Rampur to Lucknow Highway: रामपुर से लखनऊ जाने वाले लोगों के लिए सड़क का सफर अब पहले के मुकाबले आसान हो गया है. खासकर कारोबारियों को लखनऊ पहुंचने के लिए अब घंटों जाम में फंसने की परेशानी से काफी राहत मिल रही है. इसकी वजह बाईपास वाला रूट है जो NH-24 पर जाकर मिलता है. रामपुर से लखनऊ की करीब 330 किलोमीटर की दूरी तय करने में अब लगभग 5 से साढ़े 5 घंटे लग रहे हैं. रास्ते में चौड़ी सड़कें, पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट और ढाबे जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. लंबे समय से इस रास्ते पर सफर कर रहे लोगों का कहना है कि बाईपास से जाने पर समय बचता है और यात्रा भी आरामदायक रहती है.
शहरों के अंदरूनी जाम से मुक्ति
रामपुर से लखनऊ जाने वाले लोगों को पहले बरेली और शाहजहांपुर के अंदरूनी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था. लेकिन इन रास्तों और शहरों के बीच ट्रैफिक और जाम की वजह से सफर काफी लंबा हो जाता था. कई बार यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता था. कारोबारियों के लिए यह परेशानी और भी ज्यादा थी, क्योंकि समय पर लखनऊ पहुंचना उनके काम के लिए जरूरी होता है.
कारोबारियों को समय की बचत से बड़ा फायदा
रामपुर के कारोबारी अमित शर्मा बताते हैं कि पहले बरेली और शाहजहांपुर के अंदर से होकर लखनऊ जाना पड़ता था. इस दौरान कई बार जाम में घंटों बर्बाद हो जाते थे. अब वह बाईपास वाले रूट से हाईवे के रास्ते लखनऊ जाते हैं. इससे सफर पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है. अमित शर्मा के मुताबिक अब बाईपास से होकर लखनऊ पहुंचने में करीब 5 से साढ़े 5 घंटे लगते हैं.
इस रास्ते पर सड़क चौड़ी होने के साथ पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट और ढाबे जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं. इससे यात्रियों को रास्ते में खाने-पीने या गाड़ी में पेट्रोल भरवाने के लिए परेशानी नहीं होती. उनका कहना है कि पहले अंदरूनी रास्तों पर जाम में फंसने की वजह से कई-कई घंटे अतिरिक्त लग जाते थे. अब बाईपास से निकलने पर इस परेशानी से काफी हद तक राहत मिलती है और सफर की बेहतर प्लानिंग की जा सकती है.
20 वर्षों में बदला सफर का अनुभव
प्रॉपर्टी डीलर अमित गुप्ता भी रामपुर से लखनऊ के बीच सड़क मार्ग से लंबे समय से सफर कर रहे हैं. वह बताते हैं कि करीब 20 साल से रामपुर और लखनऊ के बीच आना-जाना हो रहा है. पहले रास्ते में जाम और ट्रैफिक की वजह से काफी समय लग जाता था, लेकिन अब वह बाईपास वाले रूट से ही लखनऊ जाना पसंद करते हैं. अमित गुप्ता के मुताबिक इस रास्ते से कार में करीब 5 घंटे में लखनऊ पहुंच जाते हैं. सड़क सुगम होने और जाम की परेशानी कम होने से सफर आसान हो गया है. इससे कारोबार से जुड़े लोगों को भी फायदा होता है क्योंकि वे कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं.
मार्ग, टोल प्लाजा और जरूरी सुविधाएं
रामपुर से लखनऊ जाने के लिए बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर की तरफ से सड़क मार्ग लिया जा सकता है. इस रूट पर नेशनल हाईवे और बाईपास के जरिए आगे बढ़ने का विकल्प मिलता है. रास्ते में कई प्रमुख शहर पड़ते हैं. इसके अलावा पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट और ढाबे जैसी सुविधाएं भी यात्रियों के काम आती हैं. सुनील कुमार सिंह बताते हैं कि वह भी लखनऊ जाने के लिए बाईपास वाले रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. उनके मुताबिक सड़क साफ-सुथरी और सफर सुगम है.
सड़क चौड़ी होने और जाम में कम समय बर्बाद होने से दूरी का अहसास भी कम होता है. रास्ते में करीब पांच टोल प्लाजा पड़ते हैं, इसलिए यात्रियों को टोल टैक्स का खर्च भी अपनी यात्रा के बजट में शामिल रखना चाहिए. कुल मिलाकर रामपुर से लखनऊ जाने के लिए यह सड़क मार्ग एक अहम विकल्प है जो कारोबार, नौकरी, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों से लखनऊ जाने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी है.