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MLC Eelection: सीतापुर में विधानसभा क्षेत्र (145) में चल रहे एमएलसी चुनाव के दौरान भारी हंगामा हो गया. बताया जा रहा है पूर्व समाजवादी पार्टी के विधायक अनूप गुप्ता का आरोप है कि एक महिला मतदाता से बीजेपी एजेंट ने जबरन बैलेट पेपर छीन लिया, जिसके कारण वह वोट नहीं दे पाई. वहीं, सपा नेता ने मौके पर मौजूद पीठासीन अधिकारी और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी नियमों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है.
एमएलसी चुनाव में बीजेपी एजेंट पर वोटर से बैलेट पेपर छिनने का आरोप.
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महोली में एक बूथ पर वोटिंग के दौरान विवाद हो गई. विधान परिषद (MLC) चुनाव के मतदान के दौरान एक भाजपा एजेंट पर एक वोटर से बैलेट पेपर छिनने का आरोप लगा है. तभी मौके पर पहुंचे सपा विधायक ने जमकर हंगामा कर दिया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा. आखिर इस पूरे विवाद की असल वजह क्या थी और क्यों मचा हुआ है इतना बवाल, आइए जानते हैं.
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व समाजवादी पार्टी के विधायक अनूप गुप्ता ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए. पूर्व विधायक का आरोप है कि मतदान केंद्र के अंदर एक महिला मतदाता वोट डालने के लिए पहुंची थीं, तभी वहां मौजूद बीजेपी एजेंट ने उनके हाथ से जबरन बैलेट पेपर छीन लिया. इस मनमानी के चलते वह महिला मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करके वोट नहीं डाल पाईं और मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर हुईं.
गुस्से में आ गए सपाई
बताया जा रहा है कि इस घटना के सपाइयों ने चुनावी अधिकारियों पर भी अनदेखी का आरोप लगाया. पूर्व विधायक अनूप गुप्ता समर्थकों के साथ धरने व विरोध प्रदर्शन पर उतर आए. उन्होंने मौके पर मौजूद पीठासीन अधिकारी और चुनाव ड्यूटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए. उनका आरोप था कि चुनावी नियमों और निष्पक्षता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अधिकारी बीजेपी एजेंटों का पक्ष ले रहे हैं. इस हंगामे के चलते मतदान प्रक्रिया कुछ समय के लिए प्रभावित हुई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
मुस्तैद प्रशासन
फिलहाल, इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है और उच्च अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं. इस घटना ने एक बार फिर चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.