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मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के माध्यम से करीब 5800 करोड़ रुपए के निवेश मिले हैं. इससे 10 हजार से ज्यादा रोजगार मिलने की संभावना है. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने ढाई साल में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं.
मध्य प्रदेश बनेगा सेमीकंडक्टर का हब (AI तस्वीर)
मध्य प्रदेश को हाईटेक उद्योगों का केंद्र बनाने की दिशा में इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर समिट-2026 में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पांच कंपनियों को करीब 9625 करोड़ रुपए के निवेश के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपे. वहीं 5800 करोड़ रुपए के एक्स्ट्रा निवेश प्रस्तावों से 10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद जताई गई है. सरकार का टारगेट प्रदेश में हाईटेक उद्योगों का विस्तार करने के साथ युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है.
पांच कंपनियों को दिया गया जमीन का अलॉटमेंट लेटर
समिट में ग्वालियर में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए साइंटेक आरआई को 6415 करोड़ रुपये के निवेश, भोपाल के पास लिथियम बैटरी उद्योग के लिए ऊनो इकोसिस्टम को 2000 करोड़ रुपये, ओरिगा आईटी सॉल्यूशंस को 500 करोड़ रुपये, मीना सर्किट को 400 करोड़ रुपये और केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स को 310 करोड़ रुपये के निवेश के लिए जमीन का अलॉटमेंट लेटर दिया गया है.
10 हजार रोजगार बनने की आस
इन पांचों कंपनियों के प्रस्तावित निवेश की कुल राशि करीब 9625 करोड़ रुपये है. इसके अलावा अलग-अलग कंपनियों की ओर से 5800 करोड़ रुपये के एक्स्ट्रा निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई. इन प्रस्तावों से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है.
इंदौर के आईटी पार्क में भी निवेश
इंदौर के आईटी पार्क-4 में सात कंपनियों को करीब 44816 वर्ग फीट जमीन आवंटित की गई है. इन यूनिटों से लगभग 1280 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. वहीं एटीडी सेमीकंडक्टर्स को 16508 वर्ग फीट जमीन आवंटित की गई है, जिससे करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है.
चिप डिजाइन और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर जोर
समिट में चिप डिजाइन, वीएलएसआई और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की घोषणा की गई. इसके साथ ही करीब 100 एकड़ में फोटोनिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित करने की योजना भी सामने रखी गई.
इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर और विक्रम उद्योगपुरी में डीप-टेक रिसर्च पार्क के विकास को भी बढ़ावा देने की बात कही गई. समिट में प्रशिक्षण, चिप डिजाइन, रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े पांच समझौता ज्ञापनों के बारे में बताया गया है.
क्या बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मध्य प्रदेश के युवाओं को हाईटेक क्षेत्रों में रोजगार के लिए दूसरे बड़े शहरों की ओर रुख न करना पड़े. लेकिन इन निवेश प्रस्तावों का वास्तविक असर परियोजनाओं के जमीन पर उतरने और रोजगार के अवसर बनने के बाद ही सामने आएगा.
(रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता)