भारतीय लड़के की मौत के बाद न्यूयॉर्क की घोड़ा गाड़ी बैन, 150 साल पुरानी परंपरा होगी खत्म? कहां फंसा पेच

भारतीय लड़के की मौत के बाद न्यूयॉर्क की घोड़ा गाड़ी बैन, 150 साल पुरानी परंपरा होगी खत्म? कहां फंसा पेच


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न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में चलने वाली घोड़ागाड़ियों की 150 साल से ज्यादा पुरानी परंपरा अब खत्म होने की ओर है. सिटी काउंसिल ने 40-7 के वोट से प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. जून में भारतीय किशोर रोमांच महाजन की घोड़ागाड़ी से गिरने के बाद मौत हो गई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फैसले की आलोचना की है.

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न्यूयॉर्क में घोड़ा गाड़ी को बंद करने के लिए वोट किया गया. (Reuters)

New York Horse Carriage: न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही एक पुराना नजारा इतिहास बन सकता है. पार्क की सड़कों पर चलती घोड़ागाड़ियां, जिन्हें शहर की पहचान का हिस्सा माना जाता रहा है, अब विदाई की ओर बढ़ रही हैं. न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने 40-7 के वोट से घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह फैसला भारतीय किशोर रोमांच महाजन की मौत के बाद इस परंपरा को लेकर उठे सवालों के बीच आया है. इस फैसले के तहत 1 जून 2028 तक घोड़ागाड़ियों की सवारी बंद करने की योजना है. जुलाई 2028 से न्यूयॉर्क आने वाले पर्यटकों को सेंट्रल पार्क में पहले की तरह घोड़ागाड़ियों की सवारी देखने को शायद न मिले. हालांकि, इस कानून को लागू करने की राह आसान नहीं दिख रही है. घोड़ागाड़ी चलाने वाले और उनके मालिक इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.

एक हादसे ने तेज कर दी बहस

इस फैसले के पीछे जून में हुआ एक दर्दनाक हादसा भी बड़ी वजह बना. भारतीय किशोर रोमांच महाजन 17 जून को घोड़ागाड़ी से गिर गए थे, जिसके बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, घोड़ागाड़ी खींच रहा घोड़ा उस वक्त बेकाबू होकर दौड़ पड़ा, जब चालक परिवार की तस्वीर लेने के लिए उससे दूर गया था. इसी दौरान रोमांच गाड़ी से नीचे गिर गए और जानलेवा चोटों का शिकार हो गए. इस घटना के बाद घोड़ागाड़ियों की सुरक्षा और शहर में उनकी जरूरत को लेकर बहस तेज हो गई. अब सिटी काउंसिल के फैसले ने 150 साल से ज्यादा पुरानी इस परंपरा को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है.

ट्रंप कर रहे इस फैसले का विरोध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि शहर में कार दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन इसके कारण पार्क के आसपास कारों की आवाजाही बंद नहीं की जाती. फिर घोड़ागाड़ियों पर रोक क्यों लगाई जा रही है? ट्रंप ने इसे एक शानदार परंपरा बताते हुए कहा कि न्यूयॉर्क के इतिहास का एक और हिस्सा खत्म हो गया, जिसकी कमी महसूस की जाएगी. न्यूयॉर्क से ट्रंप का पुराना कारोबारी जुड़ाव रहा है. उनका चर्चित ट्रंप टावर सेंट्रल पार्क के पास स्थित है.

घोड़ागाड़ी चलाने वालों के सामने रोजी-रोटी का सवाल

इस फैसले का असर सिर्फ पर्यटकों पर ही नहीं, बल्कि उन लोगों पर भी पड़ेगा जिनकी कमाई घोड़ागाड़ियों से जुड़ी है. कानून के तहत शहर को अप्रैल 2027 तक प्रभावित कर्मचारियों के लिए बदलाव की योजना तैयार करनी होगी. इसमें उन्हें दूसरे कामों में जाने के लिए मदद देने का प्रावधान भी शामिल है. इसके अलावा, घोड़ागाड़ी संचालकों को मुआवजा देने की योजना पर विचार करने और घोड़ों की देखभाल की व्यवस्था करने की बात भी कही गई है. प्रस्ताव के मुताबिक, इन घोड़ों को मारने के लिए नहीं भेजा जा सकेगा. हालांकि, कितना मुआवजा मिलेगा, कर्मचारियों को किस तरह के वैकल्पिक रोजगार दिए जाएंगे और घोड़ों की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, इन सवालों पर अभी तस्वीर साफ नहीं है.

अदालत पहुंच सकता है मामला

घोड़ागाड़ी मालिकों और चालकों का प्रतिनिधित्व करने वाली ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की चेतावनी दी है. यूनियन का कहना है कि यह कदम उन लोगों के कारोबार और निवेश को नुकसान पहुंचाएगा, जिन्हें पहले इस काम के लिए लाइसेंस दिया गया था. यूनियन के वकील आर्थर श्वार्ट्ज की ओर से न्यूयॉर्क सिटी के कॉरपोरेशन काउंसिल स्टीव बैंक्स को लिखे पत्र में कहा गया कि इस कानून से एक पहले से लाइसेंस प्राप्त पेशे पर रोक लग जाएगी और कारोबारियों को पर्याप्त मुआवजे के बिना नुकसान उठाना पड़ेगा.



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