कार्तिक मास शुरू होते ही करें ये काम, अपार पुण्य संग मिलेगा फल, आचार्य से जानें तिथि और महत्व

कार्तिक मास शुरू होते ही करें ये काम, अपार पुण्य संग मिलेगा फल, आचार्य से जानें तिथि और महत्व


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कार्तिक मास शुरू होते ही करें ये काम, मिलेगा अपार पुण्य, आचार्य से जानें तिथि

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Kartik Maas 2026: कार्तिक मास में किया गया स्नान-दान व्यक्ति को 7 जन्मों तक शुभ फल देता है. माना जाता है कि इस मास में भगवान विष्णु शयन से जागृत होकर भक्तों का कल्याण करते हैं.

उज्जैन. हिंदू धर्म में हर तिथि, वार और महीने का अपना विशेष महत्व माना गया है. इन्हीं में कार्तिक मास को बेहद पुण्यदायी और श्रेष्ठ महीनों में से एक बताया गया है. इस पूरे महीने में भगवान विष्णु, राधा-दामोदर और शालिग्राम जी की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है. मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में पूजा-पाठ, दीपदान, स्नान और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मकता दूर होती है. माना जाता है कि इस महीने में किए गए शुभ कर्मों से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि कार्तिक मास कब से शुरू हो रहा है, इस दौरान कौन से कार्य करना शुभ माना जाता है और किन कामों से बचना चाहिए.

ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि इस शुभ महीने की शुरुआत कार्तिक कृष्ण द्वितीया तिथि यानी 27 अक्टूबर, दिन मंगलवार को सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक प्रतिपदा तिथि से होगी. उदयकाल में इस दिन प्रतिपदा लगने से 27 तारीख से कार्तिक मास का व्रत और मेला आरंभ हो जाएगा जबकि 26 अक्टूबर, दिन सोमवार को सुबह 9 बजकर 42 मिनट तक आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि रहेगी और इसके बाद कार्तिक मास का आरंभ हो जाएगा. बता दें कि 26 तारीख को सुबह में ही पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा. वहीं कार्तिक पूर्णिमा के दिन यानी 24 नवंबर के दिन कार्तिक महीने का समापन होगा.

भगवान विष्णु की उपासना
कार्तिक के महीने में श्री हरि जल में वास करते हैं. यह महीना भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है. इस दौरान प्रतिदिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. साथ ही तुलसी के पौधे की उपासना करना भी जरूरी है. सुबह और शाम तुलसी के पौधे के पास देसी घी का दीपक जलाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अपनी श्रद्धानुसार गरीबों को गर्म कपड़े, भोजन या धन का दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है.

कार्तिक माह में स्नान का महत्व?
मान्यता है कि भगवान विष्णु ने कार्तिक माह में मत्स्य अवतार लिया था और वह जल में निवास करते थे. इस वजह से लोग कार्तिक माह में पवित्र नदियों में स्नान और दान करते हैं ताकि उनको भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त हो और जीवन के अंत में पाप मुक्त होकर बैकुंठ में स्थान प्राप्त कर लें. कार्तिक स्नान से व्यक्ति के पाप मिटते हैं और पुण्य फल प्राप्त होता है.

कार्तिक मास के नियम?
कार्तिक मास में खानपान और व्यवहार को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इस दौरान तामसिक भोजन से दूरी बनाएं और किसी के प्रति अपशब्दों का इस्तेमाल करने या गलत व्यवहार करने से बचें. तन के साथ मन की शुद्धता पर भी ध्यान दें. पशु-पक्षियों को कष्ट न पहुंचाएं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र महीने में संयम, साधना और अच्छे कर्म करने से जीवन में सुख-शांति आती है.



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