Anand Kumar Super Infinity: गणित का नाम सुनते ही कई बच्चों को डर लगने लगता है. उन्हें लगता है कि यह विषय बहुत मुश्किल है और इसे समझना हर किसी के बस की बात नहीं है. लेकिन अगर गणित को आसान कहानियों और दिलचस्प तरीकों से पढ़ाया जाए, तो यही विषय बच्चों के लिए मजेदार बन सकता है. दरअसल, सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार इसी सोच के साथ काम कर रहे हैं. अब उनकी डिजिटल पहल ‘सुपर इनफिनिटी’ की चर्चा जापान की मशहूर मैगजीन PRESIDENT में हुई है. मैगजीन ने इसे केवल ऑनलाइन पढ़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि दुनिया भर के बच्चों को गणित से जोड़ने की एक बड़ी पहल बताया है.
जापान की मैगजीन ने क्यों की आनंद कुमार की तारीफ?
जापान की प्रतिष्ठित मैगजीन PRESIDENT ने आनंद कुमार के जीवन और उनकी शिक्षा से जुड़ी पहल पर दो हिस्सों में एक लेख प्रकाशित किया है. इसमें बताया गया है कि कैसे एक ऐसे लड़के ने, जिसका सपना पैसों की कमी के कारण पूरा नहीं हो पाया, उसने अपनी मेहनत से हजारों बच्चों की जिंदगी बदलने का काम किया.
मैगजीन के मुताबिक, आनंद कुमार का उद्देश्य सिर्फ बच्चों को गणित के सवाल हल करना सिखाना नहीं है. वह चाहते हैं कि बच्चे इस विषय से डरने के बजाय इसे समझने और सीखने में दिलचस्पी लें. उनकी पहल का मकसद बच्चों में खुद सोचने, सवाल पूछने और अपनी समझ से जवाब खोजने की आदत विकसित करना भी है.
पैसों की कमी से पूरा नहीं हो सका कैम्ब्रिज जाने का सपना
आनंद कुमार का जन्म 1 जनवरी 1973 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था. उनके पिता राजेंद्र प्रसाद डाक विभाग में क्लर्क थे. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन उनके पिता शिक्षा को जिंदगी बदलने का सबसे बड़ा जरिया मानते थे.
आनंद बचपन से ही गणित में काफी रुचि रखते थे. उनकी प्रतिभा ने उन्हें आगे बढ़ने के सपने भी दिखाए, लेकिन पैसों की कमी के कारण वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ने का अपना सपना पूरा नहीं कर सके. हालांकि, इस मुश्किल ने उन्हें अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटाया. उन्होंने अपनी जानकारी और पढ़ाने के तरीके का इस्तेमाल दूसरे बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए किया.
पटना में उनका बचपन काफी साधारण परिस्थितियों में बीता. परिवार छोटे से घर में रहता था, जो रेलवे लाइन के पास था. आसपास लगातार ट्रेनों की आवाज आती रहती थी. इसके बावजूद आनंद पढ़ाई में लगे रहते थे. शोर और मुश्किल हालात के बीच भी उनका ध्यान गणित पर बना रहता था. यही लगन आगे चलकर उनकी पहचान बनी.
Super 30 ने गरीब बच्चों को दिखाई IIT पहुंचने की राह
आनंद कुमार को देशभर में पहचान उनके ‘सुपर 30’ कार्यक्रम से मिली. इस पहल के जरिए उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को IIT के एंट्रेंस एग्जाम यानी JEE की तैयारी कराने में मदद की.
दरअसल, आईआईटी (IIT) में दाखिला पाना देश के लाखों छात्रों का सपना होता है. लेकिन अच्छी कोचिंग की फीस कई परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. सुपर 30 के जरिए आनंद कुमार ने ऐसे बच्चों को पढ़ाई का मौका दिया, जिनके पास संसाधनों की कमी थी, लेकिन आगे बढ़ने का जज्बा था.
जापानी मैगजीन ने भी इस पहल की तारीफ की है. जापान के पाठकों को IIT की अहमियत समझाने के लिए लेख में इसकी तुलना टोक्यो यूनिवर्सिटी से भी की गई है. इस तरह आनंद कुमार के काम को भारत से बाहर के पाठकों तक पहुंचाया गया है.
कहानियों से गणित आसान बनाते हैं आनंद कुमार
आनंद कुमार के पढ़ाने के तरीके की एक खास बात यह है कि वह कठिन सवालों को आसान बनाने के लिए कहानियों और काल्पनिक किरदारों का सहारा लेते हैं. उनके ‘भोलू’ और ‘रिकी’ जैसे किरदार बच्चों को गणित समझाने में मदद करते हैं. इस तरीके से बच्चे केवल सवाल का जवाब याद नहीं करते, बल्कि उसके पीछे का लॉजिक समझने की कोशिश करते हैं. इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे मुश्किल सवालों से घबराने के बजाय उन्हें हल करने की कोशिश करते हैं. खास तौर पर उन बच्चों के लिए यह तरीका मददगार हो सकता है, जिन्हें गणित कठिन लगता है या जिन्हें पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाते.
Super Infinity से दुनिया तक पहुंचेगी पढ़ाई
आनंद कुमार की डिजिटल पहल ‘सुपर इनफिनिटी’ का लक्ष्य इसी पढ़ाने के तरीके को ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचाना है. इसके जरिए मुफ्त डिजिटल शिक्षा की मदद से गणित को आसान और दिलचस्प बनाने की कोशिश की जा रही है. मैगजीन ने इस पहल के तहत एजुकेशनल वीडियो को जापानी भाषा में भी उपलब्ध कराने की योजना का जिक्र किया है. इससे जापान के बच्चों को भी अपनी भाषा में इन वीडियो के जरिए सीखने का अवसर मिल सकता है.
इस पहल की खास बात यह है कि ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई को उन बच्चों तक पहुंचाया जा सकता है, जिनके लिए अच्छी कोचिंग या अनुभवी शिक्षकों तक पहुंचना मुश्किल है. हालांकि, इसका असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बच्चों को इन संसाधनों का कितना लाभ मिल पाता है.
आनंद कुमार की जिंदगी पर बन चुकी है फिल्म
आनंद कुमार की जिंदगी और सुपर 30 के सफर पर बॉलीवुड फिल्म ‘सुपर 30’ भी बन चुकी है. इस फिल्म में ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार की भूमिका निभाई थी. फिल्म के जरिए देश के कई लोगों को उनके संघर्ष और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए काम के बारे में जानने का मौका मिला.
अब जापानी मैगजीन में सुपर इनफिनिटी की चर्चा से उनकी पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है. आनंद कुमार का प्रयास है कि गणित को केवल परीक्षा में अंक पाने का विषय न समझा जाए, बल्कि बच्चे इसे तर्क करने, सवाल पूछने और खुद से सोचने का जरिया बनाएं.