रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को दूसरे दिन भी निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ आज 22 अक्टूबर को दोपहर 12:20 बजे तक कुल 3.75 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. कंपनी ने निवेशकों के लिए 19.75 करोड़ शेयर रखे हैं, जबकि इसके मुकाबले 73.97 करोड़ शेयरों के लिए सब्सक्रिप्शन मिला था. आईपीओ की सभी कैटेगरी में निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है. इसमें सबसे आगे बड़े संस्थागत निवेशक रहे, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा भी पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया.
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. निवेशक इस इश्यू में 23 अक्टूबर तक सब्सक्राइब कर सकते हैं. कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है. वहीं, ग्रे मार्केट में शेयर करीब 22% प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं. हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के आधार पर लिस्टिंग पर होने वाले मुनाफे का अनुमान लगाया जाता है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं होती.
QIBs की ओर से सबसे ज्यादा मांग
आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है. इस कैटेगरी के लिए 4.90 करोड़ शेयर आरक्षित किए गए थे, जबकि दोपहर 12:20 बजे तक 47.07 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं. इस तरह QIBs का हिस्सा 9.6 गुना सब्सक्राइब हो गया. QIBs में म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और दूसरे बड़े संस्थागत निवेशकों जैसे निवेशक शामिल होते हैं. इस कैटेगरी से मिली मजबूत मांग आईपीओ के प्रति बड़े निवेशकों की दिलचस्पी दिखाती है.
रिटेल और NII निवेशकों ने भी दिखाई दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 3 गुना सब्सक्राइब हुआ. वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व हिस्से में भी अच्छी मांग देखने को मिली. रिटेल कैटेगरी के लिए 8.50 करोड़ शेयर रखे गए थे, जिनके मुकाबले 9.64 करोड़ शेयरों के लिए सब्सक्रिप्शन आए. इस तरह यह हिस्सा 1.13 गुना सब्सक्राइब हुआ.
कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.73 गुना और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सा 2.48 गुना सब्सक्राइब हुआ. यानी दोपहर तक आईपीओ की हर कैटेगरी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका था.
ग्रे मार्केट में क्या है हाल
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर ग्रे मार्केट में भी पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं. इन्वेस्टरगेन के मुताबिक, आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 246 रुपये है. यह कंपनी के तय अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये के मुकाबले लगभग 21.98% है. इस अनुमान के आधार पर शेयर की लिस्टिंग हाई प्राइस पर होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, ग्रे मार्केट अनौपचारिक होता है और इसका प्रीमियम लगातार बदल सकता है. इसलिए इसे लिस्टिंग पर मिलने वाले संभावित रिटर्न की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए.
एंकर निवेशकों से लेकर पहले दिन तक मजबूत मांग
आईपीओ खुलने से पहले ही जियो प्लेटफॉर्म्स को बड़े निवेशकों से मजबूत मांग मिली थी. कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे. यह आवंटन 1,119 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर किया गया. एंकर निवेशकों की ओर से कुल मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही थी.
इसके बाद 21 अक्टूबर को आईपीओ के पहले दिन निवेशकों ने करीब 69,713 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए बोलियां लगाईं. पहले दिन इश्यू 3.1 गुना सब्सक्राइब हुआ था. एंकर निवेशकों की मांग और पहले दिन मिले सब्सक्रिप्शन को मिलाकर कुल मांग करीब 3.2 लाख करोड़ रुपये बताई गई है.