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पश्चिम एशिया में एक बड़ी जंग का खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका में 3 नवंबर के बाद होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर नया हमला हो सकता है. इसी बीच इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरान की सीमा के पास उड़ान भरी. उधर, हूती हमलों के खतरे को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकलने का आदेश दिया है.
इजरायली जेट उड़ान भर रहे. (Reuters)
पश्चिम एशिया में एक बार फिर जंग की आग भड़कने का खतरा बढ़ता दिख रहा है. अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए सैन्य हमलों की तैयारी कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि अमेरिका अब ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा और जल्द ही कुछ बड़ा होने वाला है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के परमाणु ठिकानों, ऊर्जा ढांचे और मिसाइल-ड्रोन क्षमता को निशाना बनाने के विकल्पों पर विचार हो रहा है. इसी बीच इजरायल के लड़ाकू विमानों ने ईरान की सीमा के करीब उड़ान भरकर ऐसा कदम उठाया, जिससे हालात बिगड़ सकते थे. दूसरी तरफ, सऊदी अरब में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच अमेरिका ने अपने दूतावास से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की तैयारी?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ नए हमलों की योजना पर काम कर रहे हैं. संभावित अभियान में ईरान के ऊर्जा ठिकानों, परमाणु फैसिलिटीज और मिसाइल-ड्रोन भंडार को निशाना बनाया जा सकता है. रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों और इस योजना से परिचित लोगों के हवाले से बताया गया है कि दोनों देशों की सेनाएं हमले की तैयारी से जुड़े अभ्यास भी बढ़ा रही हैं. अमेरिका की सैन्य तैनाती भी बढ़ाई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर की शुरुआत तक क्षेत्र में तीन एयरक्राफ्ट कैरियर, हजारों मरीन सैनिक, लड़ाकू विमान और विशेष अभियान बल तैनात किए जाने की उम्मीद है.
President Trump declares that the US is not negotiating with Iran, says something will happen “soon.” https://t.co/9Gi4aXmST8