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Bihar Expressway: बिहार में रोड कनेक्टिविटी तेज होने वाली है. करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है. करीब 482 किलोमीटर लंबे इस रूट से गया से कोलकाता का सफर लगभग 4 घंटे में पूरा होने का अनुमान है. यह सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे बिहार के चार जिलों से होकर गुजरेगा. इसके बनने से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
गया से कोलकाता पहुंचना आसान होगा. (AI से बनाई गई तस्वीर)
पटनाः बिहार में नए-नए एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश से कोलकाता तक बनने वाले सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे से बिहार के चार जिलों को फायदा होने वाला है. जबकि गयाजी से कोलकाता पहुंचने वालों के सफर का समय आधा ही रह जाएगा. फिलहाल सफर में 7 से 9 घंटे लगते हैं. जोकि घटकर लगभग 4 घंटे ही रह जाएंगे. करीब 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहा वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे इस सफर को आसान बनाएगा. इस रूट का लाभ बिहार के चार जिलों को मिलेगा. यह कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया के इलाके से गुजरेगा. तकरीबन 162 किलोमीटर लंबा इसका हिस्सा बिहार में बनेगा.
बिहार में 162 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेस-वे
वाराणसी-रांची-गया कोलकाता सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे करीब 672 किलोमीटर लंबा होगा. यह उत्तर प्रदेश के वाराणसी से शुरू होकर बिहार, झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक पहुंचेगा. इसके बनने से चार राज्यों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा. इस प्रोजेक्ट को बिहार में मार्च 2028 तक पूरा करने का टारगेट है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से निर्माण कार्य की जानकारी भी दी गई. गया जिले के इमामगंज प्रखंड के चपरी गांव के पास एक्सप्रेस-वे का काम चल रहा है.
कैमूर के लोगों को क्या फायदा होगा?
कैमूर जिले से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा. इससे दूसरे जिलों और राज्यों तक पहुंचना आसान हो सकता है. लोगों को लंबी दूरी के सफर में बेहतर सड़क का ऑप्शन मिलेगा. सामान की ढुलाई भी पहले से आसान हो जाएगी. इससे स्थानीय व्यापार को फायदा मिलने की उम्मीद है. रोहतास जिले के लिए भी यह परियोजना अहम है. बेहतर सड़क संपर्क से लोगों को दूसरे शहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी. व्यापारियों के लिए सामान लाना और बाहर भेजना आसान हो सकता है. इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की संभावना है.
औरंगाबाद को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
औरंगाबाद से भी यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा. इससे जिले की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. माल ढुलाई में समय बच सकता है. बेहतर सड़क संपर्क से कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है. हालांकि, इसका वास्तविक फायदा इस बात पर भी निर्भर करेगा कि स्थानीय सड़कें एक्सप्रेस-वे से कितनी अच्छी तरह जुड़ती हैं. गया जिले के लिए इस परियोजना को खास माना जा रहा है. जिले के इमामगंज इलाके में बेहतर सड़क संपर्क की उम्मीद जगी है. इससे लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सकती है. पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है.
वाराणसी से कोलकाता पहुंचने में लगेगा कम समय
इस एक्सप्रेस-वे के बनने से वाराणसी से कोलकाता के बीच सफर का समय कम होने का अनुमान है. अभी इस दूरी को तय करने में करीब 10 से 12 घंटे लगते हैं. परियोजना पूरी होने के बाद यह समय घटकर करीब 5 से 6 घंटे हो सकता है. इससे यात्रियों के साथ माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. एक्सप्रेस-वे चालू होने पर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर भारी वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है.