रोजाना खाते हैं नमक, लेकिन क्या इसमें आयोडीन है? कमी से शरीर को हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान

रोजाना खाते हैं नमक, लेकिन क्या इसमें आयोडीन है? कमी से शरीर को हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान


हमारे रोजमर्रा के खानपान में नमक की अहम भूमिका होती है. दाल, सब्जी, सलाद और दूसरी कई चीजों का स्वाद नमक के बिना अधूरा लगता है. लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आपके घर में इस्तेमाल होने वाले नमक में पर्याप्त आयोडीन मौजूद है या नहीं? यह जानना जरूरी है, क्योंकि शरीर में आयोडीन की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. इसका असर थायरॉइड ग्रंथि के कामकाज के साथ-साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ सकता है. इसी बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 21 अक्टूबर को विश्व आयोडीन अल्पता दिवस मनाया जाता है.

आयोडीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है. भले ही इसकी आवश्यकता कम मात्रा में होती है, लेकिन इसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. यह थायरॉइड ग्रंथि को हार्मोन बनाने में मदद करता है. ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, तापमान और सामान्य विकास को नियंत्रित करने में योगदान देते हैं. जब शरीर को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता, तो थायरॉइड हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इससे हाइपोथायरायडिज्म जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. इसके लक्षणों में थकान, सुस्ती, वजन बढ़ना, ठंड अधिक महसूस होना और रोजमर्रा के कामों में परेशानी शामिल हो सकती है.

आयोडीन की कमी से हो सकता है घेंघा रोग

लंबे समय तक शरीर में आयोडीन की कमी रहने पर घेंघा रोग होने का खतरा भी बढ़ सकता है. इसमें थायरॉइड ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है, जिससे गर्दन के अगले हिस्से में सूजन दिखाई दे सकती है. आयोडीन की कमी का असर शरीर की सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है.

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए क्यों जरूरी है आयोडीन?

गर्भावस्था में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी होती है. इस दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे का मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र विकसित हो रहा होता है. गंभीर आयोडीन की कमी बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास को प्रभावित कर सकती है. कुछ स्थितियों में गर्भपात, समय से पहले प्रसव और दूसरी जटिलताओं का जोखिम भी बढ़ सकता है.

शिशुओं और छोटे बच्चों में आयोडीन की कमी का असर सीखने, समझने और विकास की क्षमता पर पड़ सकता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के पोषण का विशेष ध्यान रखना चाहिए. हालांकि, आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा भी स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है.

आयोडीन की कमी से बचने के लिए क्या करें?

आयोडीन की कमी से बचाव का एक आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना है. नमक खरीदते समय पैकेट पर दी गई जानकारी जरूर जांचें. इसे नमी और गर्मी से दूर, अच्छी तरह बंद डिब्बे में रखें, ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे.



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