मैच में 10 विकेट, हाथ में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड… और फिर करियर खत्म! ये चीफ सिलेक्टर प्रज्ञान ओझा की कहानी है

मैच में 10 विकेट, हाथ में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड… और फिर करियर खत्म! ये चीफ सिलेक्टर प्रज्ञान ओझा की कहानी है


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मैच में 10 विकेट लेकर भी कैसे प्रज्ञान ओझा का करियर खत्म हो गया

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भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा को हाल ही में चीफ सिलेक्टर नियुक्त किया गया. उन्होंने अजीत अगरकर की जगह ली है. प्रज्ञान टीम इंडिया के लिए अपने करियर में 24 टेस्ट मैच खेले. उनका आखिरी मैच साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े में था, लेकिन उसके बाद फिर उन्हें कभी टीम इंडिया के लिए मौका नहीं मिल पाया.

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भारतीय टीम के मौजूदा चीफ सिलेक्टर

नई दिल्ली: मैच में 10 विकेट लेना किसी भी गेंदबाज का एक सपना होता है, लेकिन क्या हो जब कोई गेंदबाज इस उलपब्धि को हासिल करे और उसका करियर ही खत्म हो जाए. ऐसा ही पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज और हाल ही में टीम इंडिया के चीफ सिलेक्टर बने प्रज्ञान ओझा के साथ हुआ. प्रज्ञान ओझा अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले थे. ये भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का भी विदाई मैच था.

मुकाबले में प्रज्ञान ओझा ने दोनों पारियों में 5-5 विकेट लिए. उनके इस दमदार गेंदबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया, लेकिन प्रज्ञान को क्या पता था कि यह उनके करियर का आखिरी मैच साबित होगा. इस मैच के बाद प्रज्ञान फिर कभी टीम इंडिया के लिए टेस्ट में नहीं खेल पाए और न ही उन्हें पता चल पाया कि आखिरी क्या वजह रही कि 10 विकेट लेने के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में नहीं चुना गया.

24 टेस्ट में प्रज्ञान के नाम 113 विकेट

टेस्ट क्रिकेट में प्रज्ञान ओझा के आंकड़ों को देखें तो वह दमदार रहा है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए सिर्फ 24 टेस्ट मैच में 113 विकेट अपने नाम किए. इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89 रन देकर 10 विकेट लेने का रहा. वह अपने करियर में कुल 7 बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया.

टेस्ट के अलावा प्रज्ञान भारतीय टीम के लिए 18 वनडे और 6 टी20 में भी मैदान पर उतरे. वनडे क्रिकेट में उन्होंने 21 विकेट लिए, जबकि टी20 में उनके नाम 10 विकेट रहा. प्रज्ञान बेशक वनडे और टी20 में अपनी चमक ज्यादा नहीं बिखेर पाए, लेकिन टेस्ट प्लेयर के रूप में निश्चित रूप से उनका करियर माना जाता है कि जल्दी खत्म हो गया.

चीफ सिलेक्टर की भूमिका में अब प्रज्ञान ओझा

भारतीय टीम से प्रज्ञान ओझा का अचानक करियर खत्म होना हमेशा से एक मिस्ट्री रहेगा, लेकिन अब वह खुद एक ऐसी भूमिका में आ चुके हैं, जहां उनके हाथ में खिलाड़ियों का भविष्य होगा. प्रज्ञान भारतीय टीम के चीफ सिलेक्टर बने हैं. उन्हें अजीत अगरकर की जगह ये जिम्मेदारी सौंपी गई है.



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