Uttarakhand Aaj Ka Mausam 22 October: उत्तराखंड में आज 22 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है. मौसम केंद्र देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के चार पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन चार पर्वतीय क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य सभी मैदानी और निचले पहाड़ी जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा. हालांकि किसी प्रकार की गंभीर चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते सुबह और शाम की ठिठुरन में तेज इजाफा देखने को मिल सकता है.
देहरादून, हरिद्वार और मैदानी शहरों में खिली रहेगी धूप
देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी शहरों में आज मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहेगा. इन मैदानी हिस्सों में दिन के वक्त चटक धूप खिली रहेगी, जिससे दोपहर में मौसम सामान्य रहेगा. हालांकि, पहाड़ों पर 3500 मीटर से ऊपर बर्फबारी शुरू होने के कारण शाम होते ही मैदानी जिलों में भी ठंडी हवाओं का असर महसूस होने लगेगा और रात के तापमान में गिरावट आएगी.
नैनीताल, अल्मोड़ा और मध्य हिमालयी कस्बों में शुष्क मौसम
नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी जैसे लोकप्रिय पहाड़ी और पर्यटन शहरों में भी आज मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है. इन शहरों में बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को खुले आसमान के साथ सुहावने मौसम का अहसास होगा. यहां सुबह-शाम गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है, जिससे गर्म कपड़ों की मांग बढ़ने लगी है.
पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में 8 सड़कें अब भी बाधित
मानसून समाप्त हुए कई दिन बीत जाने के बाद भी राज्य में यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में अभी भी कुल आठ ग्रामीण मार्ग बंद पड़े हैं. इनमें सबसे बुरा हाल सीमांत पिथौरागढ़ जिले का है, जहां अकेले पांच रास्ते बाधित हैं, जिनमें चार पीएमजीएसवाई और एक लोक निर्माण विभाग की सड़क शामिल है. इसके अलावा अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले में भी एक-एक मार्ग बंद है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. अधिकारियों का कहना है कि मशीनों की मदद से बंद सड़कों को खोलने की कार्यवाही तेजी से चल रही है.