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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया कि कई सरकारी अधिकारी नौकरी में रहते हुए विदेश में स्थायी रूप से बसने की प्लानिंग बना रहे हैं. पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी और पाकिस्तान विशेषज्ञ तिलक देवशर ने इस पर तंज कसा है. उन्होंने सवाल किया कि क्या पाकिस्तानी अधिकारी डूबते जहाज को छोड़कर भाग रहे हैं. पुर्तगाल में कथित संपत्तियों और दुबई में पाकिस्तानी अधिकारियों से जुड़ी संपत्तियों का मामला भी पहले चर्चा में आ चुका है.
पाकिस्तान के अधिकारी विदेशों में सेटल होने की तैयारी में लगे हैं.
पाकिस्तान में सरकारी अधिकारियों के विदेश जाकर बसने की योजना बनाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारी नौकरी में रहते हुए ही विदेश में स्थायी रूप से बसने की तैयारी कर रहे हैं. इस दावे पर पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी और पाकिस्तान मामलों के विशेषज्ञ तिलक देवशर ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या पाकिस्तान के अधिकारी अपने ही देश के भविष्य को लेकर भरोसा खो रहे हैं. उन्होंने इसकी तुलना डूबते जहाज को छोड़कर भागते चूहों से की.
पाकिस्तान के अधिकारियों पर क्या बोले तिलक देवशर?
तिलक देवशर ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ख्वाजा आसिफ के बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान में कुछ बेहद गलत हो रहा है. देवशर ने खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिलाया कि अधिकारियों के विदेश जाने की प्लानिंग नौकरी में रहते हुए बनाई जा रही है.
उन्होंने पुर्तगाल का जिक्र करते हुए कहा कि यह ब्यूरोक्रेट्स के विदेश जाने के लिए नया पसंदीदा ठिकाना बन रहा है. इसके बाद देवशर ने तंज भरे अंदाज में सवाल किया कि क्या यह डूबते जहाज को छोड़कर भागते चूहों जैसा मामला है. देवशर की यह टिप्पणी पाकिस्तान की नौकरशाही के एक हिस्से की विदेश में बसने की योजना को लेकर है.
पाकिस्तान की नौकरशाही पर क्या आरोप लगे?
ख्वाजा आसिफ ने 18 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट में पाकिस्तान के कुछ सरकारी अधिकारियों की देश के प्रति वफादारी पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकारी नौकरी में रहते हुए ही विदेश में स्थायी रूप से बसने की प्लानिंग कर रहे हैं. आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की नौकरशाही में काबिल और ईमानदार अधिकारी भी हैं, लेकिन पिछले कई सालों में कई अधिकारियों ने कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के दूसरे देशों को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है.
उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारियों ने पाकिस्तान सरकार में काम करते हुए ही विदेश में बसने का प्लान बनाया है. उनके मुताबिक, इससे यह सवाल उठता है कि क्या ये अधिकारी अपने देश और सरकारी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पुर्तगाल सरकारी अधिकारियों के विदेश में बसने के लिए पसंदीदा ठिकाना बन गया है. उन्होंने दावा किया कि स्थायी निवास की व्यवस्था कराने वाला एक व्यक्ति प्रभावशाली नौकरशाहों से बड़ी रकम लेने के बाद फरार हो गया. आसिफ ने हालांकि, कथित तौर पर विदेश में बसने की योजना बनाने वाले अधिकारियों के नाम नहीं बताए.
पुर्तगाल में संपत्ति खरीदने का मामला पहले भी उठा
पाकिस्तानी अधिकारियों के पुर्तगाल में संपत्ति खरीदने का मुद्दा पहले भी सामने आ चुका है. अगस्त 2025 में पाकिस्तान की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) ने इस मामले पर चर्चा की थी. कमेटी ने संबंधित सरकारी विभागों और एजेंसियों को बुलाकर जानकारी लेने का फैसला किया था. पाकिस्तानी अखबार डॉन की 13 अगस्त 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी ने गृह मंत्रालय, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू और दूसरी एजेंसियों से जानकारी मांगी थी. इसका मकसद यह पता लगाना था कि किन सरकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर पुर्तगाल में संपत्ति खरीदी है.
दुबई में भी पाकिस्तानी अधिकारियों की संपत्तियों पर उठे थे सवाल
पाकिस्तान के राजनीतिक और प्रशासनिक लोगों की विदेश में संपत्तियों का मुद्दा पहले भी जांच के दायरे में रहा है. मई 2024 में ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) ने ‘दुबई अनलॉक्ड’ नाम से जांच रिपोर्ट प्रकाशित की थी. यह रिपोर्ट लीक हुए संपत्ति रिकॉर्ड पर आधारित थी. पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, इस जांच में सरकारी पदों पर रहे लोगों, चुने हुए नेताओं, सैन्य अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की गई थी. Geo News की 14 मई 2024 की रिपोर्ट में कहा गया था कि रिकॉर्ड में रिटायर्ड पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और उनके परिवारों, बैंकरों और नौकरशाहों से जुड़ी संपत्तियां भी सामने आई थीं.