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OPINION: अपनी दमदार आवाज और जोशीले गानों से दशकों से दर्शकों का दिल जीतने वाले मशहूर प्लेबैक सिंगर दलेर मेहंदी आजकल उत्तराखंड में एक लाइव कॉन्सर्ट में हुए विवाद की वजह से चर्चा में हैं. उत्तराखंड के एक मंत्री का उन पर स्टेज पर नशे में होने का आरोप और खराब परफॉर्मेंस के लिए डांट लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है. हालांकि उनके भाई मीका सिंह और कॉमेडियन कपिल शर्मा उनकी हाल ही में हुई सर्जरी का हवाला देते हुए उनके सपोर्ट में आए हैं, लेकिन इस पूरी घटना ने कला, कलाकारों के सम्मान और ऑर्गनाइजर की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्यों दलेर मेहंदी को शो से पहले ही ले लेना चाहिए था कड़ा फैसला?
नई दिल्ली. जब उत्तराखंड में एक लाइव कॉन्सर्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर आया, जिसमें एक जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री स्टेज से दलेर मेहंदी पर बरस रहे थे, तो हर म्यूजिक लवर हैरान रह गया. इसमें कोई शक नहीं कि जब आपके राज्य में किसी गेस्ट आर्टिस्ट को बुलाया जाता है, तो उसे सबके सामने बुरा-भला कहना और बेइज्जत करना किसी भी सभ्य समाज या पॉलिटिकल तमीज का हिस्सा नहीं हो सकता. मंत्री सुबोध उनियाल का यह कहना कि सिंगर ठीक से बोल नहीं पा रहा था और उस पर शराब पीने का आरोप लगाना, शायद ऑडियंस की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने की निराशा का नतीजा हो, लेकिन किसी को भी स्टेज की इज्जत खराब करने का हक नहीं है. क्या ऐसी पब्लिक बेइज्जती का बदला ऑडियंस की नाराजगी या पैसे के लेन-देन के तौर पर लिया जाना चाहिए? यह आज एक बड़ा नैतिक सवाल बन गया है.
हेल्थ प्रॉब्लम और छिपा हुआ दर्द
विवाद बढ़ने के बाद, दलेर मेहंदी के परिवार और दोस्तों ने स्टैंड लिया. उनके छोटे भाई और मशहूर सिंगर मीका सिंह ने दलेर पाजी के नशे में होने के आरोपों को खुले तौर पर नकार दिया. मीका ने साफ किया कि उन्होंने दलेर को अपने तीन दशक लंबे करियर में कभी शराब छूते नहीं देखा. इसके अलावा, पॉपुलर कॉमेडियन कपिल शर्मा ने सोशल मीडिया पर बताया कि दलेर मेहंदी की हाल ही में एक सीरियस सर्जरी हुई थी, जिसके बारे में शायद पब्लिक या ऑर्गनाइजर को पता नहीं था. कपिल ने एक-दूसरे के प्रति थोड़ी और सेंसिटिविटी और दया की अपील की, क्योंकि हम नहीं जानते कि पर्दे के पीछे कोई किन फिजिकल और मेंटल स्ट्रगल से गुजरता है. इससे यह साफ होता है कि आर्टिस्ट भी इंसान होते हैं और उनके शरीर की अपनी लिमिटेशन होती हैं.
दलेर पाजी की बड़ी गलती
सिक्के का दूसरा पहलू देखना भी उतना ही जरूरी है. जबकि मिनिस्टर का तरीका गलत था, क्या दलेर मेहंदी की तरफ से कोई गलती नहीं थी? अगर वह सच में बीमार थे, हाल ही में उनकी बड़ी सर्जरी हुई थी और वह स्टेज पर खड़े होकर ठीक से गा या बोल नहीं पा रहे थे, तो उन्हें तहजीब दिखानी चाहिए थी और शो पहले ही कैंसिल कर देना चाहिए था. क्या 35 लाख रुपये या कोई भी कॉन्सर्ट फीस किसी आर्टिस्ट की इज्जत और हेल्थ से ज्यादा कीमती हो सकती है? अगर उन्होंने समय रहते ऑर्गनाइजर या मंत्री को अपनी शारीरिक कमजोरी के बारे में बता दिया होता, तो इस शर्मनाक स्थिति से बचा जा सकता था. पैसा कमाना जरूरी है, लेकिन अपनी इज्जत और सेहत की कीमत पर स्टेज पर जाना, और आखिर में फैंस की बुराई झेलना एक प्रोफेशनल आर्टिस्ट के तौर पर समझदारी नहीं है.
निष्कर्ष
एक तरफ ऑर्गनाइजर को यह समझना चाहिए कि वे स्टेज पर किसी क्रिमिनल से नहीं, बल्कि देश के एक सम्मानित कल्चरल एम्बेसडर से बात कर रहे हैं. दूसरी तरफ कलाकारों को अपनी प्रोफेशनल ईमानदारी दिखानी चाहिए और यह मानना चाहिए कि अगर उनकी फिजिकल कंडीशन उनका साथ नहीं दे रही है, तो उन्हें स्टेज पर जाने का रिस्क नहीं लेना चाहिए. दलेर मेहंदी जैसे सीनियर कलाकार से उम्मीद की जाती है कि वे भविष्य में अपनी हेल्थ को प्रायोरिटी देंगे और समाज को भी यह सीखने की जरूरत है कि इंसानियत और संयम को किसी भी हालत में नहीं छोड़ना चाहिए.
(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)