आज 21 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा. जियो आईपीओ को लेकर रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने मनीकंट्रोल को दिए ईमेल इंटरव्यू में कहा है कि जियो शेयर बाजार में सिर्फ लिस्टिंग के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक मजबूत बिजनेस बनाने और निवेशकों के लिए वैल्यू बढ़ाने के टारगेट के साथ उतर रही है. उन्होंने कहा कि जियो एक टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विसेज कंपनी है, जिसके पास आगे बढ़ने के कई मौके हैं. कंपनी का फोकस नेटवर्क की क्वालिटी सुधारने, ब्रॉडबैंड का विस्तार करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर रहेगा.
आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो ने पिछले 10 साल में अपने नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और डिजिटल सर्विसेस को विकसित करने पर काम किया है. अब शेयर बाजार में आने के बाद कंपनी की जिम्मेदारी और बढ़ेगी. उसे निवेशकों के साथ ट्रांसपरेंसी बनाए रखने, बेहतर गवर्नेंस अपनाने और कारोबार को सही तरीके से आगे बढ़ाने पर ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि जियो का फोकस हर भारतीय घर, नागरिक और कारोबार को अच्छी क्वालिटी की सस्ती डिजिटल सर्विसेस उपलब्ध कराना है. कंपनी आने वाले सालों में इसी आधार पर अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती है.
नई सर्विसेस पर जियो का फोकस
जियो के नेटवर्क को मजबूत माना जाता है, लेकिन कंपनी का Average Revenue Per User यानी ARPU कुछ कॉम्पिटेटिव कंपनियों से कम है. इस पर आकाश अंबानी ने कहा कि नेटवर्क से कमाई बढ़ाने का मतलब सिर्फ डेटा की कीमत बढ़ाना नहीं है. कंपनी चाहती है कि ग्राहक ज्यादा डेटा इस्तेमाल करें और इंटरनेट से जुड़ी दूसरी सर्विसेस का भी फायदा उठाएं.
इसके लिए जियो होम ब्रॉडबैंड, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और कारोबारों को दी जाने वाली डिजिटल सर्विसेस का विस्तार करेगी. कंपनी मोबाइल कनेक्शन के साथ OTT वीडियो, म्यूजिक, क्लाउड स्टोरेज और AI आधारित प्रोडक्ट भी उपलब्ध करा रही है. इससे ग्राहक एक ही कनेक्शन के साथ ज्यादा सर्विसेस ले सकेंगे और कंपनी के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे. हालांकि, अंबानी ने साफ किया कि सस्ती सर्विसेस और नेटवर्क की अच्छी क्वालिटी कंपनी की प्राथमिकता बनी रहेंगी.
ग्राहकों की जेब का भी ध्यान
मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतें कब बढ़ेंगी और आगे टैरिफ किस स्तर पर स्थिर हो सकते हैं, इस सवाल पर आकाश अंबानी ने कोई अनुमान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि कीमत तय करते समय ग्राहकों की जेब और नेटवर्क में जरूरी निवेश के बीच संतुलन रखना होगा.
उनके मुताबिक, कंपनी की कमाई बढ़ाने का एकमात्र तरीका टैरिफ बढ़ाना नहीं है. डेटा की खपत बढ़ने, ब्रॉडबैंड सर्विसेस के विस्तार और कारोबारों को डिजिटल समाधान देने से भी रेवेन्यू बढ़ सकता है. भविष्य में कीमतों से जुड़े फैसले ग्राहकों की जरूरत, प्रतिस्पर्धा, महंगाई, निवेश की जरूरत और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे.
AI, क्लाउड और ब्रॉडबैंड पर निवेश बढ़ाने की तैयारी
लंबे समय में कंपनी पहले से तैयार किए गए नेटवर्क और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल करके ज्यादा वैल्यू हासिल करना चाहती है. साथ ही, नई सर्विसेस और चुनिंदा कारोबारी अवसरों पर भी ध्यान दिया जाएगा. अंबानी के मुताबिक, भारत में विकसित जियो की तकनीक का इस्तेमाल इंटरनेशनल मार्केट में भी हो सकता है.
मेटा-गूगल का निवेश और रिटेल निवेशकों को संदेश
मेटा और गूगल जैसे रणनीतिक निवेशकों(Strategic Investor) पर आकाश अंबानी ने कहा कि इन कंपनियों ने जियो के विकास के शुरुआती दौर में निवेश किया था. इससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और जियो के कारोबार में उनके भरोसे का पता चलता है. कंपनी इन रिश्तों को लंबे समय तक फायदेमंद बनाए रखना चाहती है.
रिटेल निवेशकों यानी आम लोगों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स को लंबे समय के टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विसेज बिजनेस के रूप में देखना चाहिए. भारत में डिजिटल सर्विसेस और नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ने से कंपनी के लिए बड़ा मार्केट तैयार हो रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि इनोवेशन, काम को बेहतर तरीके से लागू करने, वित्तीय अनुशासन और ट्रांसपरेंसी के जरिए कंपनी लंबे समय में बेहतर कारोबार और निवेशकों के लिए वैल्यू बनाने की कोशिश करेगी.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)