रिलायंस जियो ने सिर्फ टेलीकॉम की दुनिया नहीं बदली, बल्कि भारत में कई ऐसे कारोबारों को भी आगे बढ़ने का मौका दिया, जिनकी आज अपनी अलग पहचान है. इनमें शेयर बाजार में ऑनलाइन निवेश की सुविधा देने वाली कंपनी जेरोधा भी शामिल है. जेरोधा के को-फाउंडर और CEO नितिन कामथ ने जियो की तारीफ करते हुए लिखा कि कैसे सस्ते इंटरनेट, आधार और यूपीआई ने उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ खुलने के बीच कामथ ने अपनी कंपनी की कामयाबी का राज उस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया, जिसे जियो ने खड़ा किया है.
नितिन कामथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पुराना किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि जिस वक्त जियो लांच हो रहा था, तब बड़ी चर्चा थी. लेकिन इन 10 सालों में जियो ने बहुत कुछ बदल दिया. जियो की असली उपलब्धि सिर्फ उसका बड़ा कारोबार खड़ा करना नहीं है, बल्कि भारत में कारोबार करने के तरीके को बदलना और दूसरी कंपनियों को आगे बढ़ने का मौका देना भी है.
जियो और एयरटेल ने कैसे बढ़ाया जेरोधा का कारोबार?
नितिन कामथ ने कहा कि आधार और यूपीआई के बिना जेरोधा आज जिस मुकाम पर है, वहां तक नहीं पहुंच पाता. लेकिन उनके मुताबिक, इन दोनों के साथ जियो और एयरटेल की भी बड़ी भूमिका रही. इन टेलीकॉम कंपनियों ने सस्ता मोबाइल डेटा उपलब्ध कराकर लाखों भारतीयों को इंटरनेट से जोड़ा. इसका फायदा जेरोधा जैसे ऑनलाइन कारोबार को मिला. जब ज्यादा लोगों के पास सस्ता इंटरनेट पहुंचा, तो उनके लिए मोबाइल से शेयर बाजार की जानकारी लेना, ट्रेडिंग करना और निवेश से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल करना आसान हो गया.
कामथ का मानना है कि आधार, यूपीआई और किफायती इंटरनेट ने मिलकर भारत में डिजिटल कारोबार के लिए मजबूत आधार तैयार किया. इससे न केवल जेरोधा, बल्कि कई दूसरी ऑनलाइन कंपनियों को भी अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिली.
कोविड के बाद शेयर बाजार में निवेशकों की संख्या बढ़ी
नितिन कामथ ने भारत के पूंजी बाजार में आए बदलाव का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, 2016 में भारत में करीब 2 करोड़ विशिष्ट निवेशक थे. आज यह संख्या बढ़कर 13 करोड़ से ज्यादा हो गई है. उन्होंने कहा कि कोविड के बाद शेयर बाजार में निवेश का दायरा तेजी से बढ़ा. सस्ते इंटरनेट और डिजिटल भुगतान की सुविधा ने लोगों के लिए वित्तीय सेवाओं तक पहुंचना आसान बनाया. इससे ऑनलाइन निवेश से जुड़ी कंपनियों को भी फायदा मिला.
कामथ के मुताबिक, अगर देश में इतना मजबूत डिजिटल ढांचा नहीं होता, तो ऑनलाइन कारोबार करने वाली कई कंपनियां आज जितनी बड़ी हैं, उतनी नहीं होतीं. यहां तक कि ग्राहकों तक सीधे पहुंचने वाले कई नए कारोबारी मॉडल शायद इतने बड़े पैमाने पर विकसित नहीं हो पाते.
जियो के IPO पर क्या बोले नितिन कामथ?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है. इसी मौके पर कामथ ने जियो की भूमिका को याद किया. उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि जिन पूंजी बाजारों को जियो जैसी कंपनियों ने विस्तार देने में मदद की, आज वही बाजार जियो को पैसा जुटाने का मौका दे रहे हैं. किसी कंपनी की सफलता सिर्फ उसके अपने प्रयासों से तय नहीं होती. उसके पीछे सड़क, बिजली, इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और दूसरी जरूरी सुविधाओं का भी बड़ा योगदान होता है. जेरोधा ने अपना कारोबार बनाया, लेकिन उसे आगे बढ़ने के लिए ऐसे करोड़ों लोगों की जरूरत थी, जो इंटरनेट से जुड़ सकें और आसानी से डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें. जियो के सस्ते डेटा, आधार और यूपीआई ने इस काम को आसान बनाया.
कामथ के मुताबिक, बाहर से देखने पर यह समझना मुश्किल हो सकता है कि किसी कंपनी की कामयाबी में दूसरों के बनाए बुनियादी ढांचे का कितना योगदान होता है. जियो के आईपीओ के मौके पर उन्होंने इसी बात को याद किया और माना कि भारत में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार उनके जैसे कारोबारों के लिए भी बड़ा सहारा बना.