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Ritu Barala Case Update: रितु बराला केस में जयपुर कमिश्नरेट के बाहर रात 11 बजे पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, जिसमें राहुल यादव घायल होकर एसएमएस अस्पताल पहुंचे. डोटासरा ने एडिशनल कमिश्नर अजय सिंह को फोन कर आरोप लगाया कि नशे में धुत पुलिस जवानों ने मारपीट की है. दूसरी ओर कमिश्नरेट में फर्श पर सोए डोटासरा और टीकाराम जूली ज़ीरो FIR पर अड़े हैं. पुलिस का दावा है कि दिल्ली में FIR 291/2026 दर्ज है, जिसे डोटासरा ने खारिज कर FIR कॉपी दिखाने की चुनौती दी है.
Ritu Barala Case Jaipur: जयपुर कमिश्नरेट पर रात 11 बजे लाठीचार्ज, डोटासरा का हंगामा
Jaipur: एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर चल रहा कांग्रेस का धरना बेहद हिंसक और तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है. मंगलवार रात करीब 11 बजे कमिश्नरेट के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया. पुलिस की इस कार्रवाई में कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं. यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता भारत गुर्जर ने अपने हाथ और सिर पर आई चोटें दिखाते हुए बताया कि वे शांति से बैठे हुए थे, तभी पुलिस ने लाठियां चलानी शुरू कर दीं. वहीं झोटवाड़ा निवासी राहुल यादव के सिर पर गंभीर चोट आने के कारण उन्हें तुरंत SMS Hospital में भर्ती कराया गया है.
पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और कार्यकर्ताओं के लहूलुहान होने की सूचना मिलते ही पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भड़क उठे. उन्होंने तत्काल एडिशनल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) अजय सिंह को फोन मिलाया और पुलिसकर्मियों की इस बर्बरता पर सख्त नाराजगी जाहिर की. डोटासरा ने एडिशनल कमिश्नर को बताया कि पुलिस के जवान शराब के नशे में धुत होकर कार्यकर्ताओं पर लाठियां भांज रहे हैं. उन्होंने विशेष रूप से पुलिस के एक जवान आसाराम का नाम लेते हुए शिकायत की कि उसने नशे की हालत में कार्यकर्ताओं से बेवजह झड़प की और उन पर हमला किया. एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से दिल्ली में कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट का ड्रामा और गहरा गया है. राहुल गांधी के फोन के बाद शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब अनिश्चितकालीन आंदोलन का रूप ले चुका है. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और कई विधायक सोमवार शाम से ही कमिश्नर दफ्तर में डटे हुए हैं. नेताओं ने पूरी रात कमिश्नरेट के फर्श पर गद्दे बिछाकर गुजारी.
रितु बराला केस में जीरो FIR की मांग को लेकर कांग्रेस का जयपुर कमिश्नरेट में धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी है. पीसीसी चीफ डोटासरा और टीकाराम जूली ने कमिश्नरेट के फर्श पर गद्दे लगाकर दूसरी रात गुजारी. कांग्रेस ने देर रात कार्यकर्ताओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कई लोग घायल हुए. पुलिस का दावा है कि दिल्ली में FIR पहले से दर्ज है, जबकि डोटासरा ने दस्तावेज दिखाने की चुनौती देते हुए मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.
पुलिस का टेक्निकल रिप्लाई और डोटासरा की खुली चुनौती
दूसरी ओर, एडिशनल कमिश्नर अजय सिंह ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में घटनाक्रम से जुड़ी एफआईआर (291/2026) पहले से दर्ज है और रितु बराला की शिकायत उसी पत्रावली में शामिल है, इसलिए जयपुर में नई ज़ीरो एफआईआर की कानूनी जरूरत नहीं है. इस पर डोटासरा ने पलटवार करते हुए खुली चुनौती दी, “पुलिस अधिकारियों के पास अगर दिल्ली में हमारी शिकायत पर दर्ज एफआईआर की कॉपी है तो हमें दिखा दें.
डोटासरा की खुली चुनौती और कांग्रेस की आगे की रणनीति
पुलिस के इस तर्क का जवाब देते हुए पीसीसी चीफ डोटासरा ने खुली चुनौती दी कि “पुलिस हमें दिखाए कि दिल्ली में हमारे परिवाद पर कौन सी एफआईआर दर्ज हुई है, अगर पुलिस दस्तावेज दिखा देगी तो हम तुरंत धरने से उठ जाएंगे.” उन्होंने कहा कि जब इसी मामले में केरल में जीरो एफआईआर दर्ज हो सकती है तो राजस्थान पुलिस को क्या दिक्कत है?