जयपुर. मुंबई में फिल्मी सितारों को निशाना बनाने की कथित साजिश के पीछे दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने का मकसद होने की बात सामने आई है. अनिल पंडित हैंडलर के तौर पर सामने आया है, जिसका सीधा संबंध लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क से बताया जा रहा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गिरोह की योजना बॉलीवुड के किसी बड़े चेहरे को निशाना बनाकर फिल्म इंडस्ट्री में डर पैदा करने की थी. इस पूरे मामले में टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की कथित योजना भी चर्चा में है.
मिली जानकारी के अनुसार, अनिल पंडित को इस पूरे नेटवर्क में हैंडलर बताया जा रहा है. उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क से होने का दावा किया गया है. बताया जा रहा है कि वारदात से करीब एक महीने पहले टीम के कुछ लोग मुंबई आए थे. इस दौरान कथित तौर पर फिल्मी सितारों की गतिविधियों और उन्हें निशाना बनाने के तरीकों पर योजना बनाई गई.
सेल्फी के बहाने करीब से गोली मारने की योजना?
इस मामले में टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की कथित योजना भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि योजना के तहत सेल्फी लेने के बहाने अभिनेता के करीब पहुंचकर गोली चलाने की तैयारी थी. इस तरीके से हमलावर को अभिनेता के पास जाने का मौका मिल सकता था. लेकिन घटनास्थल पर भीड़ होने के कारण कथित तौर पर योजना बदलनी पड़ी. इसके बाद कार के अंदर से निशाना बनाने की कोशिश किए जाने की बात कही गई है.
यूपी की दो लड़कियों के नाम भी चर्चा में
इस मामले में आरोपियों के बीच उत्तर प्रदेश की रहने वाली दो लड़कियों के शामिल होने की बात भी सामने आई है. हालांकि, उनकी पहचान, कथित भूमिका और उन्हें किस काम की जिम्मेदारी दी गई थी.
क्या बॉलीवुड में दहशत फैलाना था असली मकसद?
पूरे मामले का अहम पहलू यही है कि किसी बड़े फिल्मी चेहरे को निशाना बनाने के पीछे क्या सोच थी. सामने आई जानकारी के मुताबिक, कथित योजना का मकसद बॉलीवुड में डर पैदा करना, अपनी ताकत का संदेश देना और रंगदारी वसूलने के लिए दबाव बनाना हो सकता था.