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Pakistan Fatah-4 Cruise Missile: पाकिस्तान ने हाल में ही एक के बाद एक कई NOTAM जारी किए थे. बाद में ग्राउंड बेस्ड फतह-4 क्रूज मिसाइल का ट्रायल करने की जानकारी दी गई. पाकिस्तान की तरफ से दावा किया गया कि इस मिसाइल की रेंज 750 किलोमीटर है और इसके दायरे में भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई भी आ गया है. लेकिन क्या पाकिस्तान की फतह-4 मिसाइल इतनी ताकतवर है कि वह भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को भेद सके?
पाकिस्तान ने हाल में ही फतह-4 क्रूज मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया है. (फाइल फोटो/Reuters)
Pakistan Fatah-4 Cruise Missile: ऑपरेशन सिंदूर में करारी मार पड़ने के बाद पाकिस्तान अभी तक कराह रहा है. इस्लामाबाद की तरफ से तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं. अब पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने लैंड बेस्ड फतह-4 क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. इसकी रेंज 750 किलोमीटर होने का दावा किया जा रहा है. आसिम मुनीर का देश यह भी दावा कर रहा है कि भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई अब इसके दायरे में आ गया है. तो क्या पाकिस्तान के एक बटन दबाते ही मुंबई में तबाही मच जाएगी? क्या भारत का एयर डिफेंस सिस्टम फतह-4 मिसाइल को इंटरसेप्ट कर सकता है? और सबसे अहम बात यह कि क्या फतह-4 की स्पीड इतनी है कि वह भारत जैसे एडवांस अटैकिंग और डिफेंस सिस्टम को भेद सके? बता दें कि भारत के ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल ने पाकिस्तान के तमाम एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर तबाही का ट्रेलर दिखाया था. इसके बाद से ही पाकिस्तान के होश फाख्ता हैं.
पाकिस्तान की फतह-IV मिसाइल को लेकर किए जा रहे दावों के बाद भारत की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आ सकती हैं. दावा है कि इस मिसाइल के शामिल होने से भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पाकिस्तान की पारंपरिक मारक क्षमता के दायरे में आ गई है. मुंबई देश का प्रमुख कारोबारी और वित्तीय केंद्र है, जहां भारतीय रिजर्व बैंक, प्रमुख वित्तीय संस्थानों, शेयर बाजार, बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों और अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्यालय स्थित हैं. ऐसे में मुंबई तक मारक क्षमता पहुंचने का दावा भारत की रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ाने वाला माना जा सकता है. हालांकि, उपलब्ध इनपुट में फतह-IV की मारक दूरी, इसके परीक्षण, तैनाती और ऑपरेशनल कंडीशन से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. इसलिए मुंबई को इसकी वास्तविक मारक सीमा में शामिल मानने से पहले इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
पाकिस्तान की मारक क्षमता पर नजर
पाकिस्तान अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए मिसाइल सिस्टम्स और अन्य आधुनिक हथियारों के विकास पर काम करता रहा है. फतह क्लास की मिसाइलों को पाकिस्तान की पारंपरिक लंबी दूरी की मारक क्षमता विकसित करने के प्रयासों के संदर्भ में देखा जाता है. इन सिस्टम्स का उद्देश्य सैन्य ठिकानों और अन्य रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता बढ़ाना है. फतह-IV को लेकर किए गए दावे का प्रमुख पहलू यह है कि इसकी कथित मारक क्षमता भारत के पश्चिमी हिस्से में स्थित महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों तक पहुंच सकती है. यदि इसकी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी और दूरी की सही-सही पुष्टि होती है, तो यह भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संतुलन, संभावित संघर्ष की परिस्थितियों और रणनीतिक योजना से जुड़े आकलनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है.
मुंबई क्यों अहम
हालांकि, किसी मिसाइल की वास्तविक क्षमता का आकलन केवल उसकी घोषित दूरी के आधार पर नहीं किया जा सकता. इसके लिए उसकी सटीकता, पेलोड क्षमता, प्रोपल्सन सिस्टम, गाइडेंस टेक्नोलॉजी जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना पड़ता है. मुंबई भारत की अर्थव्यवस्था के लिए विशेष महत्व रखती है. यह देश के प्रमुख वित्तीय केंद्रों में शामिल है और यहां बैंकिंग, बीमा, पूंजी बाजार, सूचना प्रौद्योगिकी, मनोरंजन तथा समुद्री व्यापार से जुड़े बड़े संस्थान मौजूद हैं. शहर का बंदरगाह और आसपास का औद्योगिक क्षेत्र भी देश की आर्थिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाता है. इस कारण मुंबई जैसे महानगरों की सुरक्षा केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि इसका संबंध राष्ट्रीय आर्थिक स्थिरता और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा से भी है. किसी संभावित सैन्य खतरे का आकलन करते समय नागरिक आबादी, परिवहन नेटवर्क, ऊर्जा आपूर्ति, संचार व्यवस्था और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया जाता है.