Festival Overeating Remedies : त्योहार का मौका हो और सामने गरमागरम पूरियां, कचौड़ी, मिठाइयां और तरह-तरह के पकवान रखे हों, तो खुद को रोक पाना आसान नहीं होता. कई बार स्वाद के चक्कर में हम जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं. इसके बाद पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी, पेट फूलने और कब्ज जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं. ऐसे में मन करता है कि अगले दिन कुछ ऐसा किया जाए, जिससे शरीर तुरंत डिटॉक्स हो जाए और वजन भी न बढ़े.
आइए जानते हैं ऐसी 5 आदतें, जो ज्यादा खाने के बाद पाचन को सामान्य रखने में मदद कर सकती हैं.(AI Image)
सुबह उठकर पानी पिएं, डिटॉक्स ड्रिंक जरूरी नहीं
त्योहार में नमकीन, मीठा और तला-भुना ज्यादा खाने से प्यास बढ़ सकती है और शरीर में पानी की कमी होने पर कब्ज की परेशानी भी बढ़ सकती है. इसलिए दिन की शुरुआत सामान्य पानी से करें और पूरे दिन अपनी प्यास के अनुसार पर्याप्त पानी पीते रहें. अगर आपको सादा पानी पसंद नहीं है, तो उसमें नींबू की कुछ बूंदें मिला सकते हैं.
हालांकि, नींबू पानी या कोई खास डिटॉक्स ड्रिंक शरीर से अतिरिक्त चर्बी को जादुई तरीके से बाहर नहीं निकालती. पानी शरीर के सामान्य कामकाज और पाचन के लिए जरूरी है. बहुत ज्यादा पानी एक साथ पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीना बेहतर है.
खाना छोड़ने के बजाय संतुलित भोजन करें
ज्यादा मिठाई या पूरियां खाने के बाद अगले दिन भूखे रहने से बचें. लंबे समय तक खाना छोड़ने से तेज भूख लग सकती है और बाद में जरूरत से ज्यादा खाने की आशंका बढ़ सकती है. इसकी जगह सामान्य समय पर हल्का, संतुलित और घर का बना खाना खाएं.
नाश्ते में दलिया, ओट्स या सब्जियों वाला पोहा ले सकते हैं. दोपहर के भोजन में दाल, सब्जी, रोटी और दही को शामिल करें. रात में भी अपनी भूख के अनुसार संतुलित भोजन करें. एक दिन ज्यादा खाने के कारण खुद को सजा देने या अचानक बहुत कम खाने की जरूरत नहीं है.
खाने में फाइबर बढ़ाएं, लेकिन धीरे-धीरे
त्योहारों में मैदा, मिठाई और तली हुई चीजें ज्यादा खाने के कारण भोजन में फाइबर की मात्रा कम हो सकती है. फाइबर मल त्याग को सामान्य रखने और कब्ज से बचाव में मदद करता है. इसके लिए अपनी थाली में हरी सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और दूसरी फाइबर वाली चीजें शामिल करें.
हालांकि, अगर आप अचानक बहुत ज्यादा फाइबर खाने लगते हैं, तो गैस और पेट फूलने की परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए इसकी मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त पानी पिएं. किसी एक फल या सब्जी को शरीर की सफाई का चमत्कारी उपाय मानने के बजाय अलग-अलग पौष्टिक चीजें खाएं.
खाने के बाद थोड़ी देर टहलें
भारी भोजन के बाद तुरंत बिस्तर पर लेटने के बजाय आराम से कुछ देर टहलना अच्छा विकल्प है. हल्की शारीरिक गतिविधि पाचन में मदद कर सकती है और खाने के बाद ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी लाभकारी हो सकती है.
आप भोजन के बाद 10 से 15 मिनट हल्की गति से चलने की कोशिश कर सकते हैं. शुरुआत में ही हेवी कसरत या बहुत तेज एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है. अगर एसिडिटी की परेशानी रहती है, तो खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें.
नींद पूरी करें और सामान्य दिनचर्या अपनाएं
त्योहारों में देर रात तक जागना, अनियमित समय पर खाना और शारीरिक गतिविधि कम होना आम है. इन बदलावों से भूख, ऊर्जा और पाचन की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है. इसलिए अगले दिन से सोने-जागने और खाने का समय सामान्य करने की कोशिश करें.
वयस्कों को आमतौर पर हर रात कम से कम 7 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है. पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और नियमित गतिविधि लंबे समय तक स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
क्या एक दिन ज्यादा खाने से वजन बढ़ जाता है?
जरूरी नहीं. ज्यादा खाने के अगले दिन वजन मशीन पर बढ़ा हुआ नंबर दिखा सकती है, लेकिन इसका पूरा मतलब शरीर में चर्बी बढ़ना नहीं है. ज्यादा नमक और कार्बोहाइड्रेट खाने के बाद शरीर में पानी रुकने और पाचन तंत्र में भोजन मौजूद रहने से भी वजन अस्थायी रूप से बढ़ सकता है.
इसलिए अगले दिन वजन देखकर घबराएं नहीं और न ही भूखे रहकर इसकी भरपाई करने की कोशिश करें. नियमित खानपान और शारीरिक गतिविधि पर लौटें. अगर पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मल में खून या लंबे समय तक रहने वाली पाचन संबंधी परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लें.
याद रखें: त्योहार में पसंदीदा पकवान खाने के बाद शरीर को किसी कठोर डिटॉक्स की नहीं, बल्कि संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, हल्की गतिविधि और नियमित दिनचर्या की जरूरत होती है.
पेट में लगातार या तेज दर्द, बार-बार उल्टी, मल में खून या लंबे समय तक पेट फूलने जैसी परेशानी को केवल ओवरईटिंग समझकर नजरअंदाज न करें.