एक ही दिन लेफ्टिनेंट कर्नल बने पति-पत्नी, 2 बार फहरा चुके माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा

एक ही दिन लेफ्टिनेंट कर्नल बने पति-पत्नी, 2 बार फहरा चुके माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा


नई दिल्ली: कुछ सपने ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए सालों की मेहनत, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की जरूरत होती है. हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के एक सैन्य दंपती ने अपनी मेहनत से ऐसी ही मिसाल पेश की है. टौणी देवी क्षेत्र के जंडल गांव के रहने वाले मेजर अमित सिंह चौहान और उनकी पत्नी मेजर राधिका जग्गी एक ही दिन लेफ्टिनेंट कर्नल बन गए हैं. दोनों ने साल 2012 में एक साथ लेफ्टिनेंट के रूप में अपने सैन्य करियर की शुरुआत की थी. करीब 14 साल की सेवा के बाद एक ही दिन इस पद तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है. उनकी इस सफलता से परिवार के साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.

एक साथ शुरू हुआ सफर, एक ही दिन मिली बड़ी सफलता

अमित सिंह चौहान और राधिका जग्गी की कहानी मेहनत, लगन और देशसेवा के प्रति समर्पण की मिसाल है. दोनों ने साल 2012 में लेफ्टिनेंट के रूप में सेना में कदम रखा था. इसके बाद अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने अपने सैन्य करियर में आगे बढ़ना जारी रखा. अब दोनों का एक ही दिन लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर प्रमोशन होना उनकी उपलब्धियों में एक खास अध्याय जुड़ने जैसा है.

दरअसल, सैन्य सेवा में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता और जिम्मेदारियों को निभाना बेहद जरूरी होता है. अमित और राधिका ने अपने काम के जरिए इन गुणों का परिचय दिया है. आज उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं.

दो बार माउंट एवरेस्ट पर फहरा चुके हैं तिरंगा

लेफ्टिनेंट कर्नल अमित सिंह चौहान ने सैन्य सेवा के अलावा पर्वतारोहण में भी अपनी पहचान बनाई है. वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर दो बार तिरंगा फहरा चुके हैं. दरअसल, एवरेस्ट पर चढ़ाई करना बेहद कठिन माना जाता है. यहां कम तापमान, तेज हवाओं और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है.

बता दें अमित सिंह चौहान ने दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा समेत कई दुर्गम पर्वत चोटियों पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की है. उनकी ये उपलब्धियां साहस, मजबूत इच्छाशक्ति और कठिन परिस्थितियों में हार न मानने का संदेश देती हैं.

सेना में ट्रेनिंग से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक निभाईं जिम्मेदारियां

लेफ्टिनेंट कर्नल राधिका जग्गी ने भी सैन्य सेवा में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में कोच के रूप में काम कर चुकी हैं. यहां उन्होंने भविष्य के सैन्य अधिकारियों को ट्रेनिंग दी है. इसके अलावा राधिका संयुक्त राष्ट्र के तहत स्टाफ अफसर के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं. इसके अलावा, वह भारतीय सेना की पिस्तौल निशानेबाजी टीम की सदस्य भी रही हैं.

परिवार को बच्चों की उपलब्धि पर गर्व

अमित और राधिका की इस उपलब्धि से उनके परिवार और हमीरपुर जिले में गर्व का माहौल है. अमित के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर रणजीत सिंह चौहान ने भी दोनों के प्रमोशन पर खुशी जताई है. सैन्य दंपती की यह कहानी बताती है कि समर्पण, मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं.



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