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Jalor Khetlaji Temple History: राजस्थान के जालोर जिले के सियाणा गांव में काछोला पहाड़ी के पास स्थित खेतलाजी मंदिर अपनी 900 साल पुरानी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है. यहां क्षेत्रपाल भैरव यानी खेतलाजी महाराज की प्रतिमा लोहे की जंजीरों में बंधी हुई है. लोककथा के अनुसार सदियों पहले होली की गैर में आने वाला एक रहस्यमयी युवक गांव के लोगों को गायब कर देता था. ग्रामीणों ने सुरक्षा के लिए उसे जंजीरों में बांध दिया था. आज भी यह मंदिर आस्था और कौतूहल का प्रमुख केंद्र है.
Jalor: राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और रहस्यमयी आस्था के केंद्रों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. जालोर जिले में स्थित सियाणा गांव का खेतलाजी मंदिर इसका एक अनोखा उदाहरण है. जालोर जिला मुख्यालय से लगभग 37 किलोमीटर दूर काछोला पहाड़ी के पास स्थित यह मंदिर क्षेत्रपाल भैरव यानी खेतलाजी महाराज को समर्पित है. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान की प्रतिमा लोहे की मजबूत जंजीरों से बंधी हुई है. पहली बार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह नजारा काफी हैरान करने वाला होता है, लेकिन इसके पीछे करीब 900 साल पुराना इतिहास और एक रोचक लोककथा जुड़ी हुई है.
स्थानीय मान्यताओं और बुजुर्गों के अनुसार, खेतलाजी महाराज को जंजीरों में बांधने की यह परंपरा होली के त्यौहार के समय से शुरू हुई थी. ऐसा माना जाता है कि सदियों पहले होली के अवसर पर गांव में आयोजित होने वाली गैर में एक अनजान युवक स्वांग रचकर शामिल होता था. होली के अंतिम दिन जब गैर के उत्सव के दौरान पारंपरिक रूप से ढोल फोड़ा जाता था, तब वह रहस्यमयी युवक गांव के किसी एक व्यक्ति को अपने साथ ले जाता था. इसके बाद वह व्यक्ति अचानक गायब हो जाता था और उसका कभी कोई सुराग नहीं मिलता था. लगातार हो रही इन घटनाओं से गांव में भय का माहौल बन गया था.
ग्रामीणों की जुगत और जंजीरों की परंपरा
जब ग्रामीणों को इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई का अहसास हुआ, तो उन्होंने मिलकर इस समस्या का हल निकालने की योजना बनाई. गांव के सुरक्षात्मक माहौल को बनाए रखने के लिए स्थानीय लोहारों की मदद ली गई. ग्रामीणों ने उस रहस्यमयी युवक को लोहे की मजबूत जंजीरों में बांध दिया. समय बीतने के साथ यह ऐतिहासिक घटना लोकविश्वास और आस्था का अटूट हिस्सा बन गई. तभी से खेतलाजी महाराज को जंजीरों में विराजित करने की परंपरा शुरू हुई जो आज भी निरंतर चली आ रही है.
आस्था और कौतूहल का केंद्र
सियाणा का खेतलाजी मंदिर आज पूरे क्षेत्र में अगाध श्रद्धा और कौतूहल का केंद्र बना हुआ है. दूर-दूर से श्रद्धालु यहां खेतलाजी महाराज के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने आते हैं. लोहे की जंजीरों में बंधी प्रतिमा को देखकर हर कोई इस 900 साल पुराने रहस्य को जानने के लिए उत्सुक हो जाता है. ग्रामीणों का मानना है कि खेतलाजी महाराज पूरे गांव की रक्षा करते हैं और यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. यह मंदिर आस्था, परंपरा और इतिहास का एक अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है.