सेलेना गोम्‍स ने कहा- ‘पहले जैसी नहीं है मेरी आवाज…’ ‘वेपिंग’ की लत कैसे बदल देती है इंसान की आवाज?

सेलेना गोम्‍स ने कहा- ‘पहले जैसी नहीं है मेरी आवाज…’ ‘वेपिंग’ की लत कैसे बदल देती है इंसान की आवाज?


जानीमानी सिंगर सेलेना गोमेज़ अपने फैंस से खुद कह रही हैं कि अगर उन्‍हें अब उनकी आवाज पसंद नहीं आ रही और वो उनके गाना नहीं सुनना चाहते तो लोग उनके गाने सुनना बंद कर सकते हैं. ये सेलेन का ‘एट‍िटयूड’ या घमंड नहीं है, बल्‍कि उन्‍होंने लोगों के सामने अपनी ‘निकोटीन वेपिंग’ की लत के बारे में बात करते हुए ऐसा कहा है. स‍िंगर का कहना है कि उनकी आवाज इसकी वजह से पूरी तरह बदल गई है और अब वो इसे चाहकर भी नहीं बदल सकती हैं. सेलेना को यह भी डर है कि हो सकता है कि उनकी आवाज हमेशा के ल‍िए बदल गई है.

34 साल की सेलेना ने अपने इंस्टाग्राम पर स्‍टोरी शेयर करते हुए सीधे अपने फैंस से बातचीत की और कहा, ‘मैं अब अपनी आवाज नहीं बदल सकती. मैंने बहुत ज्‍यादा निकोटिन वेप का इस्‍तेमाल क‍िया है.’ सेलेना आगे कहा, ‘निकोट‍िन छोड़ना बहुत मुश्‍क‍िल है, मैं जानती हूं. मैं बस आपको ये बताना चाहती हूं कि अगर आप भी इससे गुजर रहे हैं या इसे ट्राई करना चाहते हैं तो सच में ये मत कीज‍िए.’ सेलेना ने भी अपने फैंस से मजाकिया अंदाज में ये भी कहा कि अगर लोगों को उनकी आवाज अब अच्छी नहीं लग रही तो कोई बात नहीं. फैंस चाहें तो उनकी आवाज सुनना बंद कर सकते हैं.’ सेलेना ने उम्मीद जताई कि वे वेपिंग हमेशा के लिए छोड़ पाएंगी. उन्होंने कहा, ‘यह बहुत मुश्किल है, लेकिन मैं जानती हूं कि अगर आप किसी मुश्किल में हैं तो आप भी उससे बाहर निकल सकते हैं.’

वेपिंग क्‍या है?

वेपिंग का मतलब ‘ई-स‍िगरेट पीना’ यानी इलेक्‍ट्रॉनिक स‍िगरेट से स्‍मॉकिंग करना है. ये सामान्‍य धूम्रपान से ऐसे ही अलग है कि इसमें ई-स‍िगरेट का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है. वेपिंग एक बैटरी से चलने वाले उपकरण जैसे ई-सिगरेट, वेप पेन, या ई-हुक्का के जरिए किसी तरल पदार्थ को गर्म करके उसकी भाप या एरोसोल को सांस के जरिए अंदर लेने की प्रक्रिया है. कई लोगों को लगता है कि वेपिंग सामान्‍य स्‍मोकिंग से ज्‍यादा सुरक्षित है पर ऐसा बिलकुल नहीं है.

वेपिंग आवाज कैसे बदल डालता है?

दरअसल वेपिंग में तंबाकू नहीं जलता और इसल‍िए लोग इसे सुरक्षित या अच्‍छा समझते हैं. लेकिन वेपिंग से निकलने वाला धुआं सिर्फ पानी का भाप नहीं होता. इसमें कई हानिकारक चीजें होती हैं जो सांस और दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है. वेपिंग के ल‍िक्‍व‍िड से निकलने वाले धुंए में निकोटीन, भारी धातुएँ जैसे लेड, निकेल और टिन, हानिकारक केम‍िकल्‍स, फ्लेवर देने वाले केमिकल हो सकते हैं जो साँस के साथ अंदर जाने पर नुकसान पहुंचाते हैं.

ये चीजें गले और वोकल कॉर्ड्स को प्रभावित कर सकती हैं. इससे गला सूख सकता है, जलन हो सकती है और आवाज़ की क्वालिटी खराब हो सकती है. रिसर्च बताती है कि ई-सिगरेट का इस्तेमाल वोकल कोर्ड्स को प्रभावित कर सकता है. 2025 में Journal of Voice में छपे एक अध्ययन में कहा गया कि ‘ई-सिगरेट का इस्तेमाल आवाज़ की नली की ऊपरी परत में सूजन पैदा कर सकता है. इसमें मौजूद चीज़ें नमी कम कर देती हैं, जिससे खांसी और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. इससे आवाज़ की नली खराब हो सकती है और आवाज़ की क्वालिटी बिगड़ सकती है.’

वेपिंग के धुएं से आवाज़ की नली में जलन और सूखापन आता है. इससे आवाज़ कर्कश हो सकती है, खांसी आ सकती है और आवाज़ पर जोर पड़ सकता है. हालांकि अभी भी इस व‍िषय पर और र‍िसर्च की जरूरत है कि वेपिंग कैसे आवाज को हमेशा के ल‍िए बदलकर रख देती है.

यह पहला मौका नहीं है जब सेलेना ने अपनी आवाज में आ रहे बदलाव के बारे में बात की है. द‍िसंबर 2025 में भी स‍िंगर ने अपनी आवाज के बदलाव पर बात की थी. लेकिन तब सेलेना ने वेपिंग का ज‍िक्र नहीं क‍िया था. तब उन्‍होंने कहा था कि उनका गला अंदर से सूज रहा है. लेकिन अब सेलेना ने बताया कि कैसे उनकी आवाज का बदलाव वेपिंग की आदत से जुड़ा है. दरअसल सेलेना को ल्यूपस नाम की ऑटोइम्‍यून बीमारी है. ल्यूपस शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकता है. कुछ मामलों में यह गले (लैरिंक्स) में सूजन पैदा कर सकता है. इससे आवाज़ कर्कश, भारी या थकी हुई लग सकती है. ऐसे में पहले उनकी आवाज के बदलाव को इसी से जुड़ा माना गया था. पर अब सेलेना के इस नए खुलासे ने कई चीजें बदल दी हैं.



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