Last Updated:
सऊदी अरब के मक्का में बांग्लादेशी कपल को मस्जिद के अंदर अनुचित कृत्य के मामले में मौत की सजा दी गई. बांग्लादेश सरकार का कहना है कि उसे इस कार्रवाई की जानकारी पहले नहीं मिली थी. ढाका ने सऊदी अरब से स्पष्टीकरण मांगा है. दूसरी ओर, श्रीलंका के एक नागरिक की मौत की सजा इसी महीने पलट दी गई थी. दोनों मामलों में सऊदी की ओर से किए गए बर्ताव पर सवाल उठ रहे हैं.
बांग्लादेश के दो लोगों को दी गई मौत की सजा. उनका शव ताबूत के जरिए बांग्लादेश भेजा गया.
सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में बांग्लादेश के एक पुरुष और महिला को मौत की सजा दी गई. इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों और विदेश में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. बांग्लादेश सरकार का कहना है कि उसे इस कार्रवाई की जानकारी पहले नहीं दी गई. मामला सामने आने के बाद ढाका ने सऊदी अरब से जवाब मांगा है. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा के बीच एक सवाल यह भी उठ रहा है कि जब श्रीलंका के एक नागरिक की मौत की सजा सुनाने का मामला सामने आया था, तब वहां विरोध प्रदर्शन और कूटनीतिक कोशिशों के बाद सजा पलट दी गई थी. सवाल यही है कि आखिर दोनों मामलों में इतना अंतर क्यों है?
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक, दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को मक्का की एक मस्जिद के भीतर ‘अनुचित कृत्य’ करने के मामले में दोषी ठहराया गया था. उन्हें इस्लामी कानून के तहत ‘ताजीर’ के अंतर्गत मौत की सजा दी गई. ताजीर उन सजाओं को कहा जाता है, जिनका फैसला न्यायाधीश के विवेक पर छोड़ा जाता है. सऊदी अधिकारियों ने अपराध की प्रकृति के बारे में विस्तार से जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. लेकिन सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पुरुष ने महिला के माथे पर चूमा था. दोनों की हाल ही में शादी हुई थी. न्यूज-18 इंडिया इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है. बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान नज्रुल इस्लाम अब्दुल बासिर और सिटी अख्तर के तौर पर बताई गई है.
फांसी से पहले बांग्लादेश को नहीं बताया
बांग्लादेश की सरकार इस घटना को लेकर नाराज है, लेकिन वह जिस तरह से अपनी नाराजगी दिखा रहा है, उससे लगता नहीं कि उसमें सऊदी को आंख दिखाने की हिम्मत है. दरअसल बांग्लादेश के लाखों लोग सऊदी में काम करते हैं. वहां से भेजे जाने वाले पैसों से बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार भरता है. ऐसे में बांग्लादेश कोई भी ऐसा रिएक्शन नहीं देना चाह रहा जो दोनों देशों में कूटनीतिक विवाद पैदा करे. नाराजगी का सबसे बड़ा कारण यह है कि बांग्लादेश के दोनों नागरिकों को मौत की सजा दिए जाने की जानकारी उनका सिर कलम होने के बाद मिली. विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुंमायू कबीर ने 19 अक्टूबर को कहा कि सरकार ने अपने मित्र देश सऊदी अरब से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने सूचना साझा करने और दोनों देशों के बीच संवाद में संभावित कमी की बात कही.
Bangladeşli karı koca çift balayına Umreye gitti. Bir cami avlusun da öpüşen çifti kameraya çeken Pakistan uyruklu bir adam videoyu Suudi Arabistanlı yetkililere gönderdi.
Ardından çift tutuklanarak idam kararı verildi. Abdulbasir ve Siti çiftini Suudi Arabistan makamları kafalarını keserek idam etti. Cenazelerini Bangladeşe yolladı. Bangladeş hükümeti ise Suudi Arabistan’a nota verdi.