नई दिल्ली. जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms IPO) की चर्चा सोशल मीडिया से लेकर चाय की टपरी तक हर जगह है. यह बहुप्रतीक्षित आईपीओ आज एंकर निवेशकों के लिए खुला और संस्थागत निवेशकों में इसमें पैसा लगाने की होड़ लग गई. कंपनी के 8,110 करोड़ रुपये के एंकर बुक के लिए संस्थागत निवेशकों ने 30 गुना से अधिक बोलियां लगाई हैं. ये बोलियां लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंच चुकी हैं. ज्यादातर ब्रोकरेज हाउसेज और दिग्गज फंड मैनेजर्स और निवेशक भी जियो आईपीओ पर बुलिश हैं. ग्रे मार्केट में भी जियो आईपीओ के अनलिस्टेड शेयर गदर काट रहे हैं. आज भी जियो आईपीओ के जीएमपी में इजाफा हुआ.
ग्रे मार्केट पर नजर रखनी वाली वेबसाइट, आईपीआवॉच.इन के अनुसार, आज, 19 अक्टूबर को जियो आईपीओ के शेयर 260 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. शुक्रवार को जियो आईपीओ का जीएमपी 230 रुपये था. 3 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स का जीएमपी ₹125 प्रति शेयर था. इस तरह पिछले 16 दिनों में इस इश्यू का जीएमपी में 87 फीसदी उछल चुका है. कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड पर मौजूदा जीएमपी 23.24% का लिस्टिंग गेन होने का इशारा कर रहा है.
जियो आईपीओ प्राइस बैंड
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये-1,119 रुपये प्रति शेयर है. इश्यू में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी होंगे. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 12 शेयरों का 1 लॉट तय किया गया है. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है और इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है.
₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना
रिलायंस इंडस्ट्रीज की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, जियो आईपीओ में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे. कंपनी ऊपरी प्राइस बैंड पर बाजार से लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. जियो आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा.
ब्रोकरेज ने दी पैसा लगाने की सलाह
जियो आईपीओ को SBI सिक्योरिटीज ने ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है. ब्रोकरेज का मानना है कि FY26 के अनुमानित आधार पर आईपीओ के बाद का P/E मल्टीपल 34.4 गुना और एंटरप्राइज वैल्यू प्रति सब्सक्राइबर लगभग ₹20,117 बैठती है. यह जियो के बड़े नेटवर्क, मजबूत तकनीकी क्षमता और लंबी अवधि में कमाई की संभावनाओं के अनुरूप है.
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट ने भी इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है. ब्रोकरेज का कहना है कि टेलीकॉम टैरिफ अनुशासन से ARPU में लगातार सुधार, मजबूत कैश फ्लो, घटता कर्ज और होम ब्रॉडबैंड का तेज विस्तार जियो को लंबी अवधि में डिजिटल इकोनॉमी का सबसे बड़ा लाभार्थी बनाएगा.
(Disclaimer: IPO में किया गया निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. यदि आप आईपीओ में पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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