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IPS Arpit Vijayvargiya: आईपीएस अर्पित विजयवर्गीय को लखनऊ सेंट्रल का डीसीपी बनाया गया है. अर्पित विजयवर्गीय इससे पहले बाराबंकी के एसपी रह चुके हैं. आईपीएस अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच होगी. बता दें कि वारदात के बाद से श्रद्धा दुबे फरार है. अभी तक उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है.
आईपीएस अर्पित विजयवर्गीय.
लखनऊः शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही श्रद्धा दुबे ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है. वारदात के 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. श्रद्धा दुबे का कोई भी सुराग पुलिस को नहीं मिल पा रहा है. इस बीच श्रद्धा दुबे की बाइट आने के बाद हड़कंप मच गया. आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए डीसीपी सेंट्रव विक्रांत वीर को हटाते हुए डीजीपी मुख्यालय से अटैच कर दिया गया. इसके बाद आईपीएस अर्पित विजयवर्गीय को डीसीपी सेंट्रल की जिम्मेदारी दी गई. अर्पित विजयवर्गीय के पास डीसीपी सेंट्रल के साथ सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस की भी जिम्मेदारी होगी. अब अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच होगी.
कौन हैं आईपीएस अर्पित विजयवर्गीय
आईपीएस अर्पित विजयवर्गीय लखनऊ में तैनाती से पहले बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे. वह मूल रूप से राजस्थान के कोटा के रहने वाले हैं. उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने एक बैंक में भी काम किया था. अर्पित विजयवर्गीय को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डीजी कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर) से सम्मानित किया जा चुका है. उन्हें 15 अगस्त 2024 और 26 जनवरी, 2026 को डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर सम्मान दिया गया. अर्पित विजयवर्गीय 2017 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं.
बैंक में की 8 लाख की नौकरी
अर्पित विजयवर्गीय ने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने करियर बनाने के कई रास्ते थे. इस दौरान उन्होंने बैंक में 8 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी की. लेकिन अर्पित सिविल सेवा में जाना चाहते थे. इसलिए उन्होंने बैंक की नौकरी भी छोड़ दी. अर्पित विजयवर्गीय को तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिली. लेकिन उन्होंने हार नहीं मिली. चौथे प्रयास में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस अधिकारी बने.
श्रद्धा दुबे के पीछे लगाई गई एसटीएफ
50 हज़ार की इनामी श्रद्धा दुबे ,उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की गिरफ्तारी में एसटीएफ को भी लगाया गया. इन तीनों की गिरफ्तारी न हो पाने पर आईपीएस अफसर डीसीपी सेंट्रल विक्रांत हटाए गए. विक्रांत वीर को डीजीपी मुख्यालय से अटैच किया गया. मामले के जांच अधिकारी एसएचओ हजरतगंज विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया. फरारी के दौरान इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे लगातार अपने वीडियो बयान जारी कर रही है. कल एक न्यूज़ एजेंसी को दिए गए बयान के बाद पुलिस अफसरों पर हुई कार्रवाई. लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी हैं श्रद्धा दुबे ,रश्मि दुबे और दानिश.