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स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर 25 अक्टूबर को आएंगी. उनके साथ छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी रहेंगे. छत्तीसगढ़ बीजेपी स्मृति ईरानी के स्वागत और बैठकों की तैयारियों में जुटी हुई है. स्मृति संगठन की बैठकों में बीजेपी नेताओं के कामकाज और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी करेंगी. कांग्रेस स्मृति ईरानी के इस दौरे पर सवाल उठा रही है?
स्मृति ईरानी दो दिन के लिए छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @smritiiraniofficial)
रायपुर. स्मृति ईरानी इन दिनों ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ से निकलने को लेकर चर्चा में हैं. वह भारतीय जनता पार्टी की महासचिव भी हैं. अब वह 25-26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर जाने वाली हैं. उनके इस दौरे को बहुत खास माना जा रहा है. वह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसद और संगठन के प्रमुख नेताओं के साथ मीटिंग करेंगी. स्मृति ईरानी अपने दौरे के दौरान रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में संगठन की जरूरी बैठकें लेंगी. इन बैठकों में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और संगठन के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है. इसके अलावा वह पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ भी बैठक करेंगी.
स्मृति ईरानी इस दौरान पार्टी के कामकाज, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी रणनीति की समीक्षा करेंगी. अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकों के जरिए प्रदेश में संगठन की स्थिति और नेताओं की जिम्मेदारियों पर चर्चा हो सकती है. कांग्रेस स्मृति ईरानी के इस दौरे पर सवाल उठा रही है? स्मृति पर निशाना साध रही हैं कि वह कभी महंगाई के खिलाफ बोलती थीं, लेकिन अब चुप हैं. आखिर स्मृति ईरानी को इस दौरे की जरूरत क्यों पड़ी? वह बीजेपी के किस पद पर हैं, जो मुख्यमंत्री समते कई नेताओं संग बैठक करेंगी? यहां हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.दरअसल, स्मृति ईरानी को पिछले महीने के आखिर में छत्तीसगढ़ का प्रभारी यानी इंचार्ज बनाया गया है. उनसे राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी बनाया गया है. यह कदम देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए बड़े संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा है. इतना ही नहीं, स्मृति को हरियाणा का प्रभार भी सौंपा गया है. इन नियुक्तियों के जरिए, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की हाल ही में गठित केंद्रीय टीम के दो सदस्यों को छत्तीसगढ़ में सीधे संगठनात्मक भूमिकाएं दी गई हैं.
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की लीडरिशिप में बीजेपी की सरकार है. पिछले अगस्त में जब नितिन नवीन की नई टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया, तब उनकी बीजेपी की टॉप लीडरशिप में वापसी हुई. स्मृति ईरानी पीएम नरेंद्र मोदी की पहली और दूसरी सराकर में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं. 2024 के चुनाव के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. लेकिन अब मिली नई जिम्मेदारी के तहत, वह केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाई के बीच समन्वय बनाए रखेंगी, संगठनात्मक कार्यक्रमों की देखरेख करेंगी और छत्तीसगढ़ में पार्टी के कामकाज की समीक्षा करेंगी.
ये बदलाव ऐसे समय में हुए हैं जब छत्तीसगढ़ बीजेपी, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के नेतृत्व में एक तरफ सरकार चला रही है, तो दूसरी तरफ बूथ और जिला स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने का काम भी कर रही है. किरण सिंह देव ने इन नियुक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि ईरानी के संगठनात्मक और प्रशासनिक अनुभव से राज्य इकाई को फायदा मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी संगठन में शंभू का अनुभव, समन्वय बढ़ाने और जमीनी स्तर पर काम को मजबूत करने में मददगार साबित होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी ईरानी और शंभू को बधाई दी और कहा कि उनके अनुभव और योगदान से राज्य में संगठन के कामकाज को मजबूती मिलेगी. स्मृति ईरानी की यह नियुक्ति काफी अहम है, क्योंकि राज्य प्रभारी राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं. वे विशेष रूप से आंतरिक संगठनात्मक मुद्दों को सुलझाने, राजनीतिक कार्यक्रमों की समीक्षा करने और पार्टी तथा सरकार के बीच समन्वय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं.