यात्रा के पहले दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, ‘ये मेरी निजी और गैर-राजनीतिक पहल, कांग्रेस से मतलब नहीं’

यात्रा के पहले दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, ‘ये मेरी निजी और गैर-राजनीतिक पहल, कांग्रेस से मतलब नहीं’


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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को उज्जैन से अयोध्या तक ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राम मंदिर निर्माण के चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए. श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को भंग कर व्यवस्था रामालय ट्रस्ट को सौंपने की मांग की.

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उज्जैन में प्रेसवार्ता करते दिग्विजय सिंह.

Ujjain News: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी यात्रा के उद्देश्य और मांगों को मीडिया के सामने रखा. उन्होंने कहा कि 20 अक्टूबर से यह यात्रा शुरू होगी. यह उनकी निजी और गैर-राजनीतिक पहल है. इस यात्रा को ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ नाम दिया गया है. उन्होंने राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और व्यवस्था में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. मंदिर निर्माण कार्यों में पारदर्शिता की मांग की.

‘जिन्होंने शिकायत की उनको हटा दिया’
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के चंदे को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में चंदे में चोरी और कमीशनखोरी की शिकायतें सामने आई थीं. उनके मुताबिक तत्कालीन कोषाध्यक्ष महिपाल सिंह और इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने गड़बड़ियों की शिकायत की थी. लेकिन, शिकायत के अगले ही दिन दोनों को पद से हटा दिया गया. आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के बिल पास करने के लिए 40 प्रतिशत कमीशन मांगा गया था. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ये आरोप उनकी ओर से लगाए गए हैं.

रामालय ट्रस्ट को सौंपे व्यवस्था
दिग्विजय सिंह ने मांग की कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को भंग कर दिया जाए. उन्होंने मंदिर की पूरी व्यवस्था रामालय ट्रस्ट को सौंपने की बात कही. उनके प्रस्तावित रामालय ट्रस्ट में विभिन्न पीठों के शंकराचार्य शामिल होंगे. इसमें रामानंद संप्रदाय के संत, निर्मोही अखाड़ा और गोरखनाथ मठ के प्रतिनिधि भी रहेंगे. मांग रखी कि मंदिर ट्रस्ट में राजनेताओं को जिम्मेदारी न दी जाए. साथ ही सांप्रदायिक संगठनों के सदस्यों को भी ट्रस्ट से दूर रखा जाए.

दो शंकराचार्यों का समर्थन
यह यात्रा 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन निकाली जाएगी. यात्रा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक जाएगी. इस यात्रा को प्रमुख धार्मिक गुरुओं का समर्थन मिला है. ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यात्रा को आशीर्वाद दिया है. द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने भी इसका समर्थन किया है. यात्रा में कंप्यूटर बाबा सहित बड़ी संख्या में साधु-संतों के शामिल होने की संभावना है.

यात्रा का कार्यक्रम
उज्जैन में यात्रा की शुरुआत से पहले दिग्विजय सिंह चिंतामन मंदिर में दर्शन करेंगे. इसके बाद नृसिंह घाट के समीप बालाजी गार्डन में शिवलिंग निर्माण का कार्यक्रम होगा. फिर यात्रा आगे बढ़कर महाकाल मंदिर पहुंचेगी. यहां से यात्रा पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, कमरी मार्ग और टंकी चौराहा से गुजरेगी. इसके बाद तेलीवाड़ा, कंठाल, निजातपुरा और कोयला फाटक से होते हुए आगे बढ़ेगी. यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी पहुंचेगी. यहां सभी यात्रियों के लिए रात्रि भोजन और विश्राम का कार्यक्रम तय किया गया है.



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