यमन ने लिया बदला, 24 घंटे में ताबड़तोड़ 1326 हमले, 370 हूती विद्रोहियों को मारने का दावा


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Yemen-Houthi Attack: यमन की सेना की ओर से हूती विद्रोहियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है. जिस तरह से अदन के इलाकों को हूती विद्रोही टार्गेट कर रहे थे, उसके बाद अब यमनी सेना ने बड़ा एक्शन करते हुए कुल 370 हूती विद्रोहियों को मार गिराया है.

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यमन ने लिया बदला, 24 घंटे में ताबड़तोड़ हमले, 370 हूती विद्रोहियों को माराZoom

यमनी सेना ने किया हूती ठिकानों पर हमला.

यमन में सऊदी अरब समर्थित सरकार और हूतियों के बीच का संघर्ष भी लगातार चल रहा है. पिछले दो दिनों में यमन में लड़ाई तेज रही. यमन की सरकारी सेनाओं ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने हूती विद्रोहियों पर 1326 हमले किए. इनमें करीब 370 हूती लड़ाके मारे गए या घायल हुए. मारिए और ताइज समेत कई मोर्चों पर सरकारी बलों की कार्रवाई जारी है. हूतियों ने मारिब शहर की ओर मिसाइलें दागीं.

ताइज में सरकारी सैनिकों ने कुछ क्षेत्र अपने कब्जे में लेने का दावा किया. लहज प्रांत में 17 अक्टूबर को 8 सरकारी सैनिक मारे गए. दक्षिणी ताइज में 12 हूती विद्रोहियों के मारे जाने का दावा भी किया गया. ये कार्रवाई ऐसे वक्त में की गई है, जब हूती विद्रोहियों की मिसाइलों की पहुंच अदन के एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गई थी.

यमनी सेना ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर किया गया. (क्रेडिट- @AlArabiya_Eng)

खाड़ी सहयोग परिषद ने की निंदा 

खाड़ी सहयोग परिषद ने हूतियों के सऊदी अरब पर बार-बार हमलों की निंदा की. मंत्रियों की बैठक के बाद बयान में कहा गया कि किसी एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद और पूर्वी प्रांत के पास दो ड्रोन मार गिराए. एक और ड्रोन राजधानी के पास रोका गया. मंत्रियों ने हूतियों पर नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण जगहों पर घातक हमलों का आरोप लगाया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से हथियार प्रतिबंध सख्त करने और हूतियों को आतंकी संगठन घोषित करने की मांग की.

UNSC से कार्रवाई की अपील

यमन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की कि हूती हमलों पर कार्रवाई हो. अदन में राष्ट्रपति महल पर हमले का जिक्र किया गया. संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति ने सऊदी रक्षा मंत्री से क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की. इस लड़ाई से 2 लाख 33 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. ताइज में खाना, गैस और दवाइयों की भारी कमी है. अस्पतालों में ऑक्सीजन और सर्जरी के सामान खत्म होने वाले हैं. लाल सागर के समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ने से तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है.



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