नई दिल्ली. बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के बीच का रिश्ता हमेशा से एक डरावनी और रहस्यमयी पहेली रहा है. 1970 के दशक में जो ब्लैक एंड व्हाइट मनी के लेन-देन से शुरू हुआ था, वह 1990 के दशक तक खुली गोलीबारी और जानलेवा हमलों में बदल गया था. गुलशन कुमार की बेरहमी से हत्या से लेकर राकेश रोशन पर जानलेवा हमले तक और आज सलमान खान और टाइगर श्रॉफ जैसे सितारों को सुरक्षा के खतरे… ये सब साबित करते हैं कि इस चमक-दमक वाली दुनिया के पीछे डर का एक कभी न खत्म होने वाला साया हमेशा छिपा रहा है.
70 और 80 का दशक
बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के बीच यह रिश्ता रातोंरात नहीं बना. 70 और 80 के दशक में जब मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही थी, तब फिल्मों को फॉर्मल बैंकिंग सिस्टम से जरूरी फाइनेंसिंग या लोन की कमी थी. सरकार की नजर में सिनेमा को ‘इंडस्ट्री’ का दर्जा न मिलने की वजह से प्रोड्यूसर्स को पैसे की बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस मुश्किल का फायदा हाजी मस्तान, करीम लाला और बाद में अंडरवर्ल्ड के डीलरों ने उठाया. शुरू में यह रिश्ता गैर-कानूनी कमाई को लॉन्ड्र करने और फिल्मों में काला पैसा लगाने तक ही सीमित था. पार्टियां, दुबई में लाइव शो और कागजी लेन-देन इस रिश्ते के पहले कदम थे, जो धीरे-धीरे इंडस्ट्री की नसों में जहर की तरह फैल गए.
90 का दशक: जब गोलियों से दहल गया था बॉलीवुड
90 के दशक तक यह रिश्ता पूरी तरह से खूनी और हिंसक हो गया था. दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी और अबू सलेम जैसे गैंगस्टर फिल्ममेकर्स को खुलेआम डराने-धमकाने लगे थे. जैसे-जैसे ओवरसीज राइट्स, सैटेलाइट बिजनेस और केबल नेटवर्क से करोड़ों रुपये आने लगे, अंडरवर्ल्ड की और पैसे की भूख बढ़ती गई. जो भी प्रोड्यूसर या डायरेक्टर बात मानने से मना करता, उसे जान से मारने की धमकियां मिलने लगतीं. 1994 में प्रोड्यूसर जावेद रियाज सिद्दीकी के मर्डर ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया, जिससे यह साबित हो गया कि फिल्म इंडस्ट्री अब अंडरवर्ल्ड के इशारों पर नाचने को मजबूर है.
इंडस्ट्री का सबसे काला दौर
अंडरवर्ल्ड ने 1990 के दशक के आखिर में अपना सबसे खुला आतंक दिखाया. 12 अगस्त 1997 को टी-सीरीज के मालिक और कैसेट किंग गुलशन कुमार की मुंबई के अंधेरी इलाके में एक मंदिर के बाहर दिनदहाड़े 16 गोलियों से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस मर्डर ने हर बॉलीवुड एक्टर और प्रोड्यूसर की रूह कंपा दी थी. इसी दौरान, ‘गुप्त’ और ‘मोहरा’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर राजीव राय पर भी अबू सलेम के शूटरों ने हमला किया था. हालांकि राजीव राय बाल-बाल बच गए, लेकिन उन्हें अपनी जान बचाने के लिए देश और अपना करियर छोड़कर भागना पड़ा. मुकेश दुग्गल जैसे प्रोड्यूसर भी इसी डर से परेशान थे.
2000 का दशक
नया दौर शुरू हुआ, लेकिन गैंगस्टर्स की भूख कम नहीं हुई. 2000 में ब्लॉकबस्टर ‘कहो ना प्यार है’ की जबरदस्त सफलता के बाद, डायरेक्टर राकेश रोशन को अंडरवर्ल्ड से भारी वसूली की मांग का सामना करना पड़ा. जब उन्होंने हार नहीं मानी, तो उन्हें उनके ऑफिस के बाहर गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. इस दौरान शाहरुख खान, संजय दत्त और सलमान खान जैसे ए-लिस्ट स्टार्स को भी अक्सर धमकी भरे कॉल आए. शाहरुख खान ने बाद में माना कि उन्हें कई सालों तक बुलेटप्रूफ गाड़ियों और भारी पुलिस सिक्योरिटी के साये में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा.
नए दौर के नए खतरे
समय के साथ, पुराने अंडरवर्ल्ड का असर कमजोर हुआ है, लेकिन आज के जमाने में नए गैंगस्टर सिंडिकेट (जैसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग) ने इस काले साये को फिर से जिंदा कर दिया है. सलमान खान के मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर 14 अप्रैल 2024 की सुबह करीब 5 बजे हुई गोलीबारी और 18 अक्तूबर 2026 को टाइगर श्रॉफ पर हुआ जानलेवा हमला इस बात का ताजा सबूत है कि आर्ट की दुनिया अभी भी असुरक्षित है. मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल क्लब से निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियों की बौछार कर दी गई. खुशकिस्मती से टाइगर श्रॉफ इस हमले में बाल-बाल बच गए, हालांकि उनके ड्राइवर और एक और आदमी फायरिंग में घायल हो गए. लॉरेंस बिश्नोई गैंग (अनिल पंडित) से जुड़े गुर्गों ने हमले की जिम्मेदारी ली और सलमान खान के साथ काम करने वाले किसी भी एक्टर को निशाना बनाने की धमकी दी. हालांकि, इस सनसनीखेज घटना के बाद मुंबई पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और राजस्थान पुलिक की मदद से कोटा में हमलावरों को पकड़ लिया. यह घटना दिखाती है कि गैंगस्टर की धमकियां आज भी फिल्म इंडस्ट्री के लिए कितनी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं.
दिशा पाटनी और रोहित शेट्टी
सलमान और टाइगर के अलावा, 2025 में एक्ट्रेस दिशा पटानी के घर के बाहर क्रिमिनल सिंडिकेट की संदिग्ध एक्टिविटी और सिक्योरिटी को खतरे से हलचल मच गई थी. पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन ने तुरंत एक्शन लिया और उनकी सिक्योरिटी कड़ी कर दी, जिससे यह पक्का हो गया कि इस पूरी घटना के दौरान वह पूरी तरह से सुरक्षित रहें. वहीं, बॉलीवुड के जाने-माने एक्शन डायरेक्टर और प्रोड्यूसर, रोहित शेट्टी को 2026 में गैंगस्टर नेटवर्क से गंभीर धमकियां और एक्सटॉर्शन कॉल आए. उनकी बड़ी फिल्मों की फंडिंग और सफलता ने उन्हें गैंगस्टर्स का टारगेट बना दिया है. सिक्योरिटी एजेंसियों ने उनके ऑफिस और फिल्म सेट पर सिक्योरिटी बढ़ा दी थी.