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Datia News: पीतांबरा पीठ में दर्शन को लेकर हुए विवाद के बाद मंदिर के पुराने सेवक बंटू मिश्रा की मौत हो गई. सहायक प्रबंधक से बहस के तुरंत बाद उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और वे बेसुध होकर गिर पड़े. मामले में ट्रस्टी डी एस चंदेल ने निष्पक्ष जांच के लिए अनुशासनात्मक समिति गठित करने की बात कही है.
दतिया पीतांबरा पीठ (सांकेतिक फोटो).
रिपोर्ट: राजीव मिश्रा
Datia News: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री पीतांबरा पीठ में एक दुखद घटना सामने आई है. 17 सितंबर शनिवार देर रात मां की आरती के बाद दर्शन को लेकर विवाद हो गया. इसी के कुछ देर बाद मंदिर के पुराने सेवक बंटू मिश्रा की मौत हो गई. इसके बाद से मंदिर के साधक और समाज में गहरा शोक है.
परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचे थे
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात पीतांबरा पीठ में माई की आरती संपन्न हुई थी. आरती के बाद मंदिर के पुराने सेवक बंटू मिश्रा अपने परिवार के साथ दर्शन करने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान मंदिर के एक सहायक प्रबंधक से उनकी कहासुनी हो गई. देखते ही देखते दोनों के बीच बहस होने लगी.
बहस के बाद सीने में तेज दर्द
आरोप है कि सहायक प्रबंधक के साथ हुई बहस के तुरंत बाद बंटू मिश्रा की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ. दर्द इतना तेज था कि वे मंदिर परिसर में ही बेसुध होकर गिर पड़े. अचानक हुए इस घटनाक्रम से मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई.
डॉक्टरों ने झांसी किया रेफर
घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल ले गए. निजी अस्पताल से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें झांसी रेफर कर दिया. परिजन उन्हें झांसी लेकर पहुंचे, लेकिन झांसी पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटनाक्रम के बाद से यह पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, बंटू मिश्रा की मौत का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.
ट्रस्टी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की प्रतिक्रिया सामने आई है. मंदिर के ट्रस्टी डीएस चंदेल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है. ट्रस्टी के अनुसार, मामले की जांच के लिए एक अनुशासनात्मक समिति बनाई जाएगी. अब मंदिर से जुड़े सभी लोगों और परिजनों की नजर जांच रिपोर्ट पर ही टिकी हुई है.