छुट्टियों में कौन देगा पौधों को पानी? घर पर इस आसान ट्रिक से दूर करें टेंशन, बस बोतल से कर लें ये जुगाड़

छुट्टियों में कौन देगा पौधों को पानी? घर पर इस आसान ट्रिक से दूर करें टेंशन, बस बोतल से कर लें ये जुगाड़


Self Watering System For Plants: आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो पौधों की पानी की चिंता होना आम बात है. खासकर गर्म मौसम में गमलों की मिट्टी जल्दी सूख सकती है. ऐसे में रोज पौधों में पानी डालने वाला कोई घर पर न हो तो पौधे मुरझाने लग सकते हैं. हालांकि, इसके लिए महंगे ऑटोमैटिक सिस्टम खरीदना जरूरी नहीं है. घर में मौजूद प्लास्टिक की बोतल से एक आसान सेल्फ-वॉटरिंग सिस्टम बनाया जा सकता है.

इसमें बोतल धीरे-धीरे पौधे की मिट्टी में पानी पहुंचाती रहती है. इसे बनाना आसान है और थोड़ी तैयारी के साथ आप छुट्टियों पर जाने से पहले पौधों के लिए पानी का इंतजाम कर सकते हैं.

प्लास्टिक बोतल से बनाएं सेल्फ-वॉटरिंग सिस्टम

इसके लिए आपको एक साफ प्लास्टिक की बोतल और पानी की जरूरत होगी. बोतल का आकार पौधे के गमले और आपकी गैरमौजूदगी के दिनों के हिसाब से चुनें. बहुत छोटे पौधे के लिए छोटी बोतल और बड़े गमले के लिए थोड़ी बड़ी बोतल इस्तेमाल की जा सकती है. सबसे पहले बोतल को अच्छी तरह साफ कर लें. अब इसके ढक्कन में एक बहुत छोटा छेद करें. छेद बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे पानी तेजी से निकल सकता है और मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो सकता है.

अब बोतल में पानी भरकर उसका ढक्कन अच्छी तरह बंद कर दें. गमले की मिट्टी को पहले हल्का गीला कर लें. इसके बाद बोतल को उल्टा करके उसका ढक्कन वाला हिस्सा मिट्टी में सावधानी से लगा दें. बोतल को इतना ही अंदर लगाएं कि वह स्थिर रहे और गिरने का खतरा न हो.

जाने से पहले जरूर करें ये टेस्ट

सीधे छुट्टी पर जाने से पहले इस सिस्टम को एक-दो दिन घर पर चलाकर देखना बेहतर रहेगा. इससे आपको पता चल जाएगा कि बोतल से पानी कितनी तेजी से निकल रहा है और मिट्टी कितनी गीली हो रही है, अगर पानी बहुत तेजी से खत्म हो रहा है, तो ढक्कन का छेद छोटा रखने की जरूरत हो सकती है. वहीं, अगर पानी बिल्कुल नहीं निकल रहा है, तो छेद को थोड़ा बड़ा किया जा सकता है. हर पौधे और मिट्टी में पानी सोखने की क्षमता अलग हो सकती है, इसलिए पहले टेस्ट करना ज्यादा सही रहेगा.

हर पौधे के लिए एक जैसा पानी जरूरी नहीं

सेल्फ-वॉटरिंग सिस्टम लगाते समय पौधे की जरूरत का भी ध्यान रखें. कुछ पौधों को मिट्टी सूखने के बाद पानी देना ठीक रहता है, जबकि कुछ पौधों को थोड़ी नमी पसंद होती है. इसलिए सभी गमलों में एक जैसी बोतल या पानी की मात्रा लगाना सही नहीं होगा. छुट्टी पर जाने से पहले पौधों को सामान्य तरीके से पानी दें, लेकिन गमले में जरूरत से ज्यादा पानी भरने से बचें. गमले में पानी निकलने के लिए नीचे ड्रेनेज होल भी होना चाहिए.

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कितने दिनों के लिए काम आएगा यह सिस्टम?

यह तय नहीं किया जा सकता कि एक बोतल कितने दिनों तक पौधे को पानी देती रहेगी. यह बोतल के आकार, छेद के आकार, गमले की मिट्टी, पौधे की किस्म, तापमान और घर के वातावरण पर निर्भर करता है. इसलिए इसे कुछ दिनों तक पहले टेस्ट करना जरूरी है.

छुट्टी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

1. पौधे की मिट्टी को पहले हल्का गीला कर लें.
2. बोतल का सिस्टम पहले टेस्ट कर लें.
3. बोतल का छेद बहुत बड़ा न रखें.
4. गमले को तेज धूप और बहुत गर्म जगह से बचाएं, अगर उस पौधे को ऐसी जगह रखना जरूरी न हो.
5. गमले के नीचे पानी जमा न होने दें.
6. बहुत ज्यादा पानी की जरूरत वाले पौधों के लिए सिर्फ एक बोतल पर निर्भर न रहें.



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