‘आतंकी हमला हो सकता है’, ग्वालियर शीतला मंदिर हादसे पर मैनेजमेंट समिति को शक, की SIT जांच की मांग


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Gwalior Sheetla Mandir Tragedy: ग्वालियर स्थित शीतला माता मंदिर हादसे में अबतक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 43 घायल हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है. कई पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, शीतला माता मंदिर प्रबंधन समिति ने एसआईटी जांच की मांग की है. इसके साथ ही इसे आतंकी हमला होने का भी शक जताया है. समिति ने सवाल उठाया है कि जहां ट्रक नहीं जा सकता, वहां ट्रक की एंट्री कैसे हुई?

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शीतला मंदिर हादसाः 'आतंकी हमला हो सकता है', समिति ने की SIT जांच की मांगZoom

शीतला माता मंदिर समिति ने एसआईटी जांच की मांग की.

भोपाल. ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में 18 अक्टूबर की देर रात 1.30 बजे एक भीषण हादसा हुआ. इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 43 लोग घायल हैं. घायलों में होमगार्ड के 2 जवान भी है. यह हादसा धान से भरे एक ट्रक के फिसलने से हुई. पहाड़ी रास्ते पर ट्रक फिसलते हुए शीतला मंदिर के एंट्री गेट से टकराया. इसके चपेट में आए मृतकों के परिजनों को मध्य प्रदेश सरकार ने 4-4 लाख रुपए देने का ऐलान किया है. घटना को लेकर सरकार सख्त है. कई पुलिस ऑफिसर को सस्पेंड किया है. लेकिन मंदिर प्रशासन इससे संतुष्ट नहीं है. मंदिर प्रबंधन समिति ने एक विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मां की है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शीतला माता मंदिर की प्रबंधन समिति को शक है कि यह कोई सुनियोजित आतंकी हमला हो सकता है. 18 अक्टूबर को जारी एक आधिकारिक बयान में, मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुर्जर ने सवाल उठाया कि भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद, रात करीब 1:30 बजे भीड़भाड़ वाले मेले में एक भारी वाहन कैसे घुस गया. समिति ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक का आरोप लगाते हुए पूछा, “अगर मेले में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित था, तो ट्रक वहां तक ​​कैसे पहुंचा?”

समिति ने कहा कि जांचकर्ताओं को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि क्या यह धार्मिक आयोजन को निशाना बनाने की कोई सोची-समझी साजिश थी. उन्होंने इस हादसे के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए एक निष्पक्ष SIT जांच की मांग की. साथ ही, उन्होंने लापरवाही बरतने वालों या किसी साजिश में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की. आतंकी हमले का यह आरोप मंदिर समिति की ओर से लगाया गया है. उनके बयान में आतंकी हमले या किसी सुनियोजित साजिश को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं दिया गया है.

मंदिर समिति ने बताया कि घटना के तुरंत बाद, उनसे जुड़े श्रद्धालुओं और दुकानदारों ने राहत और बचाव कार्यों में मदद की. मंदिर समिति ने मृतकों के परिवारों को 50,000 रुपये और घायलों में से प्रत्येक को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. राजेंद्र सिंह गुर्जर ने इस घटना को दुखद बताया और प्रशासन से मांग की कि वे उन कमियों के लिए जवाबदेही तय करें, जिनकी वजह से ट्रक भीड़भाड़ वाले मेला परिसर तक पहुंच गया. समिति ने वाहनों के प्रवेश, सुरक्षा इंतजामों और उन परिस्थितियों की गहन जांच की मांग की, जिनके कारण लोगों की मौत हुई और वे घायल हुए. साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पीड़ितों के परिवारों को न्याय मिलना चाहिए.



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