होमगार्ड भर्ती में घूसकांड: हार्ट अटैक और न्यूरो की समस्या का दावा, जांच में फिट निकले डॉक्टर; जेल


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Kanpur Homeguard Recruitment Scam: कानपुर में होमगार्ड भर्ती के नाम पर घूस लेने वाले आरोपी डॉक्टर प्रवीण और डॉक्टर महेश को पुलिस ने देर रात जेल भेज दिया है. गिरफ्तारी से बचने के लिए इन डॉक्टरों ने अस्पताल में हार्ट अटैक और स्पाइनल समस्या का नाटक रचा था, जो कार्डियोलॉजी और मेडिकल कॉलेज की जांच में फर्जी साबित हुआ.

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होमगार्ड भर्ती में घूसकांड: डॉक्टरों का हार्ट अटैक का बहाना निकला फर्जी, जेलZoom

कानपुर होमगार्ड भर्ती के दौरान घूस के आरोप में जेल भेजे गए दो डॉक्टर.

Kanpur Homeguard Recruitment Scam: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल फिटनेस के नाम पर अवैध वसूली और घूसखोरी करने वाले आरोपी डॉक्टर प्रवीण और डॉक्टर महेश का अस्पताल में चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार पुलिस की सख्ती के आगे फेल हो गया. गिरफ्तारी से बचने के लिए इन दोनों डॉक्टरों ने इमरजेंसी में मेडिकल परीक्षण के दौरान खुद को दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने और रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल) में गंभीर समस्या होने का नाटक रचा था, लेकिन कार्डियोलॉजी और मेडिकल कॉलेज की जांच में इनकी पोल पूरी तरह खुल गई.

कानपुर के बड़े चिकित्सा संस्थानों की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि जिन डॉक्टरों ने खुद को गंभीर रूप से बीमार और हार्ट अटैक का मरीज बताया था, वे मेडिकल जांच में पूरी तरह फिट पाए गए. उर्सला अस्पताल में आराम से टहलते हुए नजर आने वाले इन डॉक्टरों की चालाकी उस समय धरी की धरी रह गई जब पुलिस ने उन्हें देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे जेल भेज दिया. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त चिकित्सा कर्मियों में भारी हड़कंप मच गया है.

साथी डॉक्टर सपन गुप्ता की भूमिका पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में एक और नया मोड़ तब आया जब मुख्य आरोपियों के साथ साये की तरह साथ रहने वाले साथी डॉक्टर सपन गुप्ता की संलिप्तता की भी जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उर्सला अस्पताल की निदेशक डॉ. सीमा ने इस बात के गंभीर निर्देश दिए हैं कि जब डॉक्टर सपन गुप्ता की ड्यूटी इनडोर विभाग में थी, तो उन्होंने आउटडोर में किसके आदेश और किन परिस्थितियों में मरीजों की जांच व सिफारिश की? पुलिस अब इस बिंदु पर भी गहराई से छानबीन कर रही है ताकि इस वसूली रैकेट से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके.

भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख
होमगार्ड भर्ती में पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाने वाले और पैसों के लिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इन भ्रष्ट डॉक्टरों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की चहुंओर चर्चा हो रही है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि महकमे में किसी भी तरह की लापरवाही या अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल दोनों आरोपी डॉक्टरों को जेल भेज दिया गया है और सह-आरोपी डॉक्टर की भूमिका की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



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