शारदीय नवरात्रि में हाथी पर हुआ मां दुर्गा का आगमन, लेकिन मुर्गे पर विदाई का क्या है संकेत

शारदीय नवरात्रि में हाथी पर हुआ मां दुर्गा का आगमन, लेकिन मुर्गे पर विदाई का क्या है संकेत


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नवरात्रि में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन, प्रस्थान के वाहन को लेकर चर्चा

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शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन को लेकर धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम के अनुसार, इस बार माता रानी का आगमन हाथी पर हुआ है, जिसे सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है. वहीं, प्रस्थान के वाहन को लेकर अलग मान्यता बताई जा रही है. नवरात्रि पर उन्होंने पूजा-पाठ के साथ महिलाओं और बुजुर्गों का सम्मान करने तथा अपने आचरण में बदलाव लाने का संदेश भी दिया.

अयोध्या: सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना, शक्ति की उपासना और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है. नवरात्रि के दौरान भक्त विधि-विधान से माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का भी विशेष महत्व होता है. इस बार माता रानी का आगमन हाथी पर हुआ है, जबकि प्रस्थान के वाहन को लेकर मुर्गे का उल्लेख किया जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर इसे शुभ और अशुभ संकेतों के मिले-जुले स्वरूप के रूप में देखा जा रहा है. तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.

हाथी पर माता रानी का आगमन शुभ संकेत

अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि इस शारदीय नवरात्रि में भगवती का आगमन हाथी पर हुआ है. धार्मिक मान्यताओं में हाथी को सुख-समृद्धि, स्थिरता, शांति और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है. माता रानी के हाथी पर आगमन को शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है. मान्यता है कि यह समाज में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता की कामना से जुड़ा है.

मुर्गे पर प्रस्थान को लेकर क्या कहते हैं ज्योतिषी?

पंडित कल्कि राम के अनुसार माता रानी के प्रस्थान का वाहन मुर्गा बताया जा रहा है. इसे अत्यंत अशुभ और चिंताजनक संकेत माना गया है. जहां देवी के आगमन को शुभ माना जा रहा है, वहीं प्रस्थान के वाहन को लेकर सावधानी बरतने की बात कही जा रही है. ज्योतिष पंडित कल्कि राम का कहना है कि जो लोग सनातन धर्म, देवी-देवताओं और दैवीय शक्तियों में आस्था रखते हैं, उनके लिए यह नवरात्रि आध्यात्मिक उन्नति और कल्याण का अवसर है. वहीं, उनका मानना है कि समाज में नारी का अनादर करने, बहन-बेटियों के साथ दुर्व्यवहार करने और बड़ों का सम्मान नहीं करने वाली प्रवृत्तियों को बदलना आवश्यक है.

समाज को अपनी मानसिकता बदलने का संदेश

पंडित कल्कि राम के मुताबिक नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और व्रत तक सीमित रहने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने आचरण और विचारों में बदलाव लाने का भी अवसर है. उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं का सम्मान होना चाहिए. परिवार में माता-पिता और बुजुर्गों का आदर किया जाना चाहिए. लोगों को आलस्य छोड़कर अनुशासित दिनचर्या अपनाने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की जरूरत है.

देश-दुनिया पर क्या पड़ेगा प्रभाव?

ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर माता रानी के वाहनों को अलग-अलग संकेतों से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, किसी वाहन के आधार पर देश-दुनिया में बीमारी, प्राकृतिक आपदा या किसी बड़े संकट के आने की संभावना जताई जा रही है ऐसी स्थिति में महामारी का भी आगमन हो सकता है.



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