नैनीताल-कैंची धाम रूट पर पुलिसिया सख्ती से कारोबार ठप, व्यापारियों का अल्टीमेटम- ‘गाड़ियां रोकीं तो होगा चक्का जाम’

नैनीताल-कैंची धाम रूट पर पुलिसिया सख्ती से कारोबार ठप, व्यापारियों का अल्टीमेटम- ‘गाड़ियां रोकीं तो होगा चक्का जाम’


Nainital News: वीकेंड पर जहां नैनीताल और आसपास के इलाकों में सैलानियों की चहल-पहल से बाजारों में रौनक लौटती थी, वहीं इस बार पुलिस प्रशासन के कड़े ट्रैफिक प्लान और बैरिकेडिंग ने स्थानीय व्यापारियों की कमर तोड़ दी है. कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और नैनीताल आने वाले वाहनों को पुलिस जगह-जगह रोक भी रही है. जिसके कारण पर्यटन कारोबार पूरी तरह पटरी से उतर गया है.

भास्कर की खबर के मुताबिक, स्थानीय व्यापारी अपनी दुकानों और होटलों में खाली हाथ बैठने को मजबूर हैं, जिससे आहत होकर अब व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का ऐलान कर दिया है.

चार धाम नहीं, पूरे कुमाऊं की लाइफलाइन है यह हाईवे
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने पुलिसिया कार्यशैली और वाहनों के रोक-टोक पर कड़ा रोष जताया है. उन्होंने कहा कि पुलिस इस रूट की तुलना चार धाम यात्रा से करके भारी गलती कर रही है. चार धाम जाने वाले मार्ग पर आगे रास्ता खत्म हो जाता है, जबकि कैंची धाम का रास्ता एक व्यस्त नेशनल हाईवे है, जो पूरे कुमाऊं मंडल को जोड़ता है. इस रूट को बंद करने या गाड़ियां रोकने का सीधा असर समूचे कुमाऊं क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ता है.

कारोबारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन मनमाने प्रतिबंध लगाने के बजाय हाईवे से करीब तीन किलोमीटर दूर व्यवस्थित पार्किंग बनाए. उन्होंने बताया कि संगठन उत्तराखंड होटल एसोसिएशन से संबद्ध है और अब आर-पार के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है.

रूट डायवर्जन से कई कस्बों के बाजार पड़े सूने
पुलिस द्वारा अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत, धारचूला, बागेश्वर और हल्द्वानी की ओर आने-जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किए जाने से भीमताल, भवाली, गरमपानी और खैरना के व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. व्यापारियों का साफ कहना है कि व्यवस्था बनाने के नाम पर स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी छीनना न्यायसंगत नहीं है.

शटल सेवा और प्रतिबंधों का पुलिसिया खाका
दूसरी ओर, पुलिस ने लंबे वीकेंड पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए खास यातायात योजना लागू की. निजी वाहनों को मंदिर से पहले ही भीमताल विकास भवन और भवाली सैनिटोरियम पार्किंग में रोककर श्रद्धालुओं को शटल सेवा से कैंची धाम भेजा गया. प्लान के तहत हल्द्वानी-काठगोदाम से अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों को खुटानी बैंड, भीमताल से धारी-धानाचूली मार्ग पर भेजा गया, जबकि रानीखेत जाने वाले वाहनों को सैनिटोरियम से रातीघाट मार्ग दिया गया.

एसपी यातायात डॉ. जगदीश चंद्र के मुताबिक, भारी वाहनों पर सुबह तीन से रात 11 बजे तक और अन्य वाहनों पर सुबह पांच से रात आठ बजे तक पाबंदियां तय की गई हैं. हालांकि, व्यवस्था बनाने की इस कवायद ने स्थानीय व्यापारियों की आजीविका पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है.



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