देशभर में खुलेंगे टाटा के 50 बड़े अस्पताल, नोएल टाटा ने बताया हेल्थकेयर का मेगा प्लान

देशभर में खुलेंगे टाटा के 50 बड़े अस्पताल, नोएल टाटा ने बताया हेल्थकेयर का मेगा प्लान


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Tata Trusts Hospitals : टाटा ट्रस्‍ट्स देश में चिकित्‍सा सेवाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए आने वाले वर्षों में करीब 50 नए अस्‍पताल खोलेगा. ट्रस्‍ट्स का इरादा देश के 75 ब्‍लॉकों में 25 लाख लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं उपलब्‍ध कराना है.

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नोएल टाटा ने टाटा ट्रस्‍ट्स की हेल्‍थकेयर प्‍लान के के बारे में बताया.

नई दिल्‍ली. टाटा ट्रस्ट्स ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश किया है. ट्रस्ट्स अब देशभर में 40 से 50 गैर-लाभकारी अस्‍पताल खोलेगा. इन अस्‍पतालों में इलाज का खर्च केवल उन मरीजों से ही लिया जाएगा जो सक्षम होंगे. गरीब मरीज का इलाज सक्षम लोगों से ली गई फीस से होगा. टाटा ट्रस्ट्स की वार्षिक रिपोर्ट में ट्रस्ट्स ने 2026-2031 के लिए अपनी पांच वर्षीय स्वास्थ्य रणनीति की रूपरेखा तैयार की है.

वार्षिक रिपोर्ट में चेयरमैन नोएल टाटा ने बताया है कि समूह न केवल टिकाऊ सार्वजनिक संस्थानों का निर्माण करेगा, बल्कि उसके काम का आकलन केवल खर्च की गई धनराशि से नहीं, बल्कि ठोस और मापने योग्य नतीजों के आधार पर किया जाएगा. नोएल टाटा ने कहा कि परोपकार को केवल लाभान्वित लोगों की संख्या या खर्च की गई राशि की गिनती से आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि सर्वश्रेष्ठ बनने से पहले सबसे बड़ा बनने की कोशिश का अंजाम शायद ही कभी अच्छा होता है.

25 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्‍य

इस मेगा स्‍वास्‍थ्‍य योजना के तहत टाटा समूह 75 ब्लॉकों में 25 लाख लोगों तक पहुंचेगा और 100 से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाएगा. नोएल टाटा ने कहा कि ट्रस्ट्स गंभीर चिकित्सा संकट का सामना कर रहे परिवारों को लगातार सहायता प्रदान करता रहेगा.

कैंसर केयर में अहम योगदान दे रहा है टाटा समूह

दूर-दराज के इलाकों में कैंसर देखभाल का विस्तार किया जा रहा है, ताकि लोगों को उनके घर के नजदीक ही इलाज मिल सके. वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान टाटा ट्रस्ट्स के कैंसर केयर कार्यक्रमों के तहत 1,06,626 ओपीडी परामर्श, 24,874 कीमोथेरेपी चक्र और 2,879 सफल सर्जरी की गईं. नोएल टाटा ने यह भी रेखांकित किया कि भारत में परोपकार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. नई पीढ़ी के उद्यमी सामाजिक कार्यों में बड़ी महत्वाकांक्षा ला रहे हैं, ऐसे में पुराने और स्थापित संस्थानों को भी प्रभावशीलता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों के साथ काम करना होगा.



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