‘अमीरों को जाल में फंसाती, लड़ाई में ट्रांसजेंडर को आगे करती…’, श्रद्धा दुबे के पूर्व ड्राइवर ने खोले कई राज

‘अमीरों को जाल में फंसाती, लड़ाई में ट्रांसजेंडर को आगे करती…’, श्रद्धा दुबे के पूर्व ड्राइवर ने खोले कई राज


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले में बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड मामले में फरार चल रही 25 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. इनामी फरार श्रद्धा दुबे के पूर्व ड्राइवर ने सनसनीखेज खुलासा किया है. ड्राइवर के अनुसार, श्रद्धा दुबे अमीर और रसूखदारों से अपने संबंध बताकर लोगों को धमकाती थी. उसने बड़े-बड़े लोगों का नाम लेकर ब्लैकमेलिंग और वसूली का भी आरोप लगाया. वहीं श्रद्धा अपने साथ ट्रांसजेंडर्स का गिरोह भी रखती है. जिसको अपमानित करना हो, ट्रांसजेंडर्स को आगे करके उनसे लड़ाई-झगड़े करवाती थी.

ड्राइवर ने बताया कि श्रद्धा दुबे स्कॉर्पियो में तेल भी कोई और भरवाता था. श्रद्धा गिरगिट की तरह रंग बदलती है. दिन में कुछ और, शाम को कुछ और और रात होते ही श्रद्धा दुबे बदल जाती थी. श्रद्धा दुबे हाई लेवल का शौक रखती थी. सामने वाला किसी भी तरह, एट एनी कॉस्ट, श्रद्धा दुबे के शौक पूरे करे, यही वह चाहती थी. जिसने मुझे हायर किया था, मैं उनका नाम नहीं जानता. वही श्रद्धा दुबे का खर्चा उठा रहे थे.

माइंड डाइवर्ट करती थी श्रद्धा दुबे
पूर्व ड्राइवर ने आगे बताया कि जिसकी भी जेब में पैसा है, गले में एक तोला चेन है, उसके संपर्क में श्रद्धा आ जाती थी. अगले दिन से वो श्रद्धा का खर्चा उठाने ही लगता था. श्रद्धा खूबसूरत तो है, लोगों का माइंड डाइवर्ट करती थी. घड़ियाली आंसू बहाती थी श्रद्धा दुबे. उसके बाद आपके पास जहर खाने के पैसे न हों, लेकिन श्रद्धा दुबे को आपको पैसा जरूर देना होगा. आखिरी दिन उसने मुझे भी धमकी दी थी कि दो दिन लगेंगे, तुमको उठवा लूंगी. लोगों को अपने जाल में फंसाना, पैसा खर्च कराना और अपने शौक पूरे करना, यही श्रद्धा दुबे का काम है.

लड़ाई में ट्रांसजेंडर्स को आगे कर देती थी श्रद्धा
उसने आगे बताया कि श्रद्धा दुबे ट्रांसजेंडर्स के ग्रुप के संपर्क में रहती थी. अगर इसकी किसी से लड़ाई हो जाए, तो सार्वजनिक जगह पर किसी को भी पीटना हो, तो ट्रांसजेंडर्स को आगे कर देती थी. ट्रांसजेंडर्स से पिटवाकर लोगों की बेइज्जती करवा देती थी. जाना कहीं और, बताना कहीं और, यही श्रद्धा का काम है. आमिर को श्रद्धा के बारे में सब कुछ पता है. फोन पर बात करते समय बड़े-बड़े लोगों का नाम इस्तेमाल करती थी. बड़े-बड़े लोगों का नाम इस्तेमाल करके अपनी कमियां दूर करती थी और अपने शौक पूरे करती थी.

पूर्व ड्राइवर ने कहा कि अगर आज मैं श्रद्धा के साथ होता, तो मैं भी नेपाल में होता. वो कब क्या कांड कर दे, मुझे हमेशा डर लगता था. मैं उसके साथ होता, तो आज मैं भी उसके साथ नेपाल में बैठा होता. मेरे भी 1800 रुपये उसके ऊपर बकाया हैं. मैं सोचता हूं, कुत्ते को दान कर दिया, खिला दिया.



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