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Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: अपने शानदार अभिनय और कॉमेडी से लोगों को हंसाने वाले बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों कानूनी पचड़े और चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं. मुंबई में इस मामले पर खुलकर बात करते हुए राजपाल यादव ने अपनी सफाई दी है और कहा कि एक पक्ष की बात सुनी जा रही है, जबकि लोन और एग्रीमेंट के कागजात होने के बावजूद उन पर धोखाधड़ी का झूठा आरोप लगाया गया है.
राजपाल यादव के चेक बाउंस केस की आज सुनवाई थी. (फोटो साभार X@ Narendra Goswami)
मुंबई. फिल्म अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में एक बार फिर चर्चा में हैं. अपनी बेमिसाल कॉमेडी और संजीदा अभिनय से दशकों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले राजपाल यादव का एक बार फिर दर्द छलका है. मुंबई में मीडिया के सामने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए राजपाल यादव ने अपनी बात रखी और कहा कि उन पर लगाए गए धोखाधड़ी के सभी आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा, ‘सिर्फ एक पक्ष की बात सुनी जा रही है’
राजपाल यादव ने कानूनी प्रक्रिया और मीडिया में चल रही चर्चाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में सिर्फ एक पक्ष को सुना गया है, जबकि दूसरा पक्ष क्या कह रहा है, इसकी अनदेखी की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया, ‘एक पक्ष की बात तो सुन ली गई, लेकिन बिना दूसरा पक्ष सुने इस मामले का समाधान कैसे हो सकता है? मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि मुझ पर तीन मुख्य आरोप लगाए गए, पहला यह कि राजपाल ने 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की, दूसरा यह कि उसने लोन लिया और तीसरा यह कि उसने एक व्यवसायी के साथ ठगी की. लेकिन जब हमारे पास चेक और तमाम कानूनी एग्रीमेंट्स मौजूद हैं, तो इसे धोखाधड़ी कैसे कहा जा सकता है?’
क्या मैं अपनी इज्जत और नाम 5 करोड़ के लिए दांव पर लगाऊंगा?
अपनी प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए अभिनेता ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में सवाल उठाया कि कोई भी इंसान अपनी सालों की मेहनत से कमाए गए नाम और सम्मान को क्या सिर्फ 5 करोड़ रुपये के लिए दांव पर लगाएगा? राजपाल यादव ने सवालिया लहजे में पूछा, ‘कोई भी समझदार व्यक्ति या कलाकार अपनी इज्जत और साख को इस तरह क्यों जोखिम में डालेगा? अगर यह कोई लोन था, तो उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे लोग 2010 में 5 करोड़ रुपये उधार देने के लिए अधिकृत थे? क्या उनके पास कोई लाइसेंस था या वे कोई एनबीएफसी थे?’
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला साल 2010 के आसपास के एक वित्तीय लेन-देन और फिल्म निर्माण से जुड़े लोन से जुड़ा हुआ है. शिकायतकर्ता का आरोप था कि फिल्म निर्माण के लिए लिए गए 5 करोड़ रुपये के लोन के एवज में दिए गए राजपाल यादव के चेक बाउंस हो गए थे, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई. दूसरी ओर, राजपाल यादव और उनकी कानूनी टीम का पक्ष यह रहा है कि इस मामले में व्यावसायिक समझौतों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और उन पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है.
राजपाल यादव की बढ़ी मुश्किलें
अभिनेता के इस ताजा बयान के बाद इस कानूनी लड़ाई में एक नया मोड़ आ गया है. अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिक गई है. अब देखना है कि चेक बाउंस मामले में न्यायपालिका क्या रुख अपनाती है.