Pali News: पाली में पेट्रोल भरवाने से पहले पढ़ लें यह खबर, 300 पंपों पर UPI बंद, जानें पूरा मामला

Pali News: पाली में पेट्रोल भरवाने से पहले पढ़ लें यह खबर, 300 पंपों पर UPI बंद, जानें पूरा मामला


Last Updated:

Pali Petrol Pump UPI Disabled: पाली में ऑनलाइन पेमेंट करने वाले वाहन चालकों की मुश्किल बढ़ गई है. जिले के करीब 300 पेट्रोल पंपों पर UPI से भुगतान स्वीकार करना बंद कर दिया गया है. पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने यह कदम डिजिटल लेन-देन पर लगने वाले MDR शुल्क के विरोध में उठाया है. एसोसिएशन अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय के अनुसार, पेट्रोलियम डीलर्स डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में सहयोग करते रहे हैं, लेकिन MDR का आर्थिक बोझ अब भी बना हुआ है. निजी भुगतान कंपनियों के ट्रांजैक्शन में कटौती और स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर भी डीलर्स ने सवाल उठाए हैं. एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि MDR खत्म करने पर ठोस निर्णय होने तक यह विरोध जारी रहेगा.

पाली. अगर आप पाली आ रहे हैं, तो अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले अपनी जेब टटोल लीजिएगा और जेब में कैश जरूर रख लीजिएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर रास्ते में पेट्रोल भरवाने की जरूरत पड़ी, तो आपका ऑनलाइन पेमेंट वाला मोबाइल कोई काम नहीं आएगा. जी हां, पाली में अब पेट्रोल पंपों पर ऑनलाइन स्कैन करने का दौर फिलहाल थम चुका है. पेट्रोल पंपों पर UPI लेन-देन पर लगने वाले MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) के विरोध में पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है.

एसोसिएशन के ऐलान के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह 5 बजे से ही पाली जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर UPI के जरिए पेमेंट स्वीकार करना पूरी तरह बंद कर दिया गया है. जब तक डीलर्स की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक यह फैसला अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा. जिले के लगभग 300 पेट्रोल पंपों पर यह नियम लागू हो गया है. ऐसे में अब वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए UPI को छोड़कर या तो नकद (कैश) देना होगा या फिर पंप पर उपलब्ध अन्य विकल्पों का सहारा लेना होगा. ऐसे में आप अपने पास केश जरूर रखियेगा, क्योंकि बिना केश आप अपनी गाडी की टंकी को फुल नहीं करवा पाएंगे.

क्या है डीलर्स का दर्द?

पाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय ने बताया कि पेट्रोलियम डीलर्स लंबे समय से देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में सरकार का सहयोग करते आ रहे हैं. इसके बावजूद डीलर्स पर MDR का भारी-भरकम आर्थिक बोझ लगातार बना हुआ है. सरकार की तरफ से MDR को पूरी तरह से समाप्त न किए जाने के कारण डीलर्स में गहरा असंतोष है. अध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक सरकार पेट्रोल पंप डीलर्स पर लगने वाले MDR को पूरी तरह खत्म करने को लेकर कोई ठोस और स्पष्ट फैसला नहीं लेती, तब तक एसोसिएशन अपने इस फैसले पर अडिग रहेगा.

प्राइवेट कंपनियों के चार्ज पर भी सवाल

एसोसिएशन ने निजी भुगतान कंपनियों (प्राइवेट पेमेंट गेटवे) पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. आरोप है कि विभिन्न प्राइवेट पेमेंट कंपनियों के जरिए होने वाले UPI ट्रांजैक्शन में से पैसे काट लिए जाते हैं और इसकी कोई स्पष्ट जानकारी भी डीलर्स को नहीं मिलती. इससे डीलर्स को लगातार आर्थिक नुकसान और असमंजस का सामना करना पड़ रहा है.



Source link