IND vs NZ test series: विलेन नहीं हीरो हैं अंशुल कंबोज, 3 वजहें जो साबित करती हैं आकिब नबी की जगह उनका चयन सही

IND vs NZ test series: विलेन नहीं हीरो हैं अंशुल कंबोज, 3 वजहें जो साबित करती हैं आकिब नबी की जगह उनका चयन सही


नई दिल्ली: दो साल पहले इंग्लैंड दौरे पर अंशुल कंबोज के डेब्यू से पहले कई बातें हुईं. किसी ने उन्हें AK47 का नाम दिया तो किसी ने टीम इंडिया का फ्यूचर. मगर उस मैच में अंशुल कंबोज एक क्लब लेवल का बॉलर बनकर ही रह गए थे. न स्पीड-स्विंग-न एग्रेशन. मैनचेस्टर में ड्रॉ हुए चौथे टेस्ट में उन्होंने 18 ओवर में 4.94 की इकॉनमी से 89 रन लुटाते हुए सिर्फ एक ही विकेट लिया. फिर उम्मीद के मुताबिक उन्हें कभी दूसरा मौका मिला ही नहीं. चयनकर्ताओं ने नए गेंदबाजों को आजमाया. मगर अब अचानक हरियाणा का यह पेसर दोबारा टीम इंडिया की स्कीम ऑफ थिंग्स (प्लानिंग) का हिस्सा बन चुका है. 15 दिन के भीतर अचानक उन्हें पहला वनडे खिला दिया गया और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज में भी जगह दे दी गई.

कुछ लोगों का कहना है कि अंशुल कंबोज की जगह आकिब नबी को मौका मिलना चाहिए था तो कोई मुकेश कुमार को बेहतर विकल्प बता रहा है. चलिए आपको वो तीन वजहें बताते हैं कि क्यों अंशुल कंबोज का चयन गलत फैसला नहीं है.

घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
26 साल के अंशुल कंबोज लगातार घरेलू क्रिकेट में बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं. मौजूदा रणजी सीजन में उन्होंने हरियाणा के लिए हिमाचल प्रदेश के खिलाफ दो पारियों में कुल छह विकेट लेकर अपनी टीम छह अंकों वाली जीत दिलाने में मदद की. उन्होंने पहली पारी में 4/56 और दूसरी पारी में 2/18 के आंकड़े दर्ज किए. इस सीजन में कंबोज ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में भी लगातार विकेट लिए हैं. पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के ​​खिलाफ उन्होंने पहले मैच में तीन विकेट लिए और दूसरे मैच की दोनों पारियों में तीन और विकेट चटकाए. 3 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका वनडे डेब्यू कुछ खास नहीं रहा, कंबोज ने 17 रन तो बनाए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने 82 रन लुटा दिए.

अंशुल कंबोज की टीम इंडिया में वापसी हुई है

करियर के बेस्ट फॉर्म में चल रहे कंबोज
उनके करियर में बड़ा मोड़ 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान आया, जब उन्होंने छह मैचों में 34 विकेट लिए. कंबोज टूर्नामेंट के इतिहास में एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले केवल तीसरे गेंदबाज भी बने, उन्होंने यह कारनामा केरल के खिलाफ किया था, उन्होंने 2024 दलीप ट्रॉफी के तीन मैचों में 16 विकेट लिए थे, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का अवॉर्ड मिला. इस प्रदर्शन ने उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में स्थापित कर दिया.

न्यूजीलैंड के हालातों में परफेक्ट अंशुल
न्यूजीलैंड के हालात अंशुल कंबोज की सीम गेंदबाजी के लिए मददगार साबित हो सकते हैं, हालांकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालना होगा. न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज उन्हें यह दिखाने का मौका देगी कि अपने डेब्यू के बाद से उन्होंने खुद में कितना सुधार किया है और वह आकिब नबी से किसी मामले में कम नहीं हैं.

भारत की टेस्ट टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर, फिटनेस मंजूरी मिलने पर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा (फिटनेस मंजूरी मिलने पर), आकाश दीप, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज.

पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव.

आखिरी दो वनडे के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आकिब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव



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