Ground Report: हाथ से उखड़ रही सरकारी सड़क.. फिरोजाबाद के कोटला गांव में विकास के नाम पर खेल, ग्रामीणों ने जांच और दोबारा निर्माण की उठाई मांग

Ground Report: हाथ से उखड़ रही सरकारी सड़क.. फिरोजाबाद के कोटला गांव में विकास के नाम पर खेल, ग्रामीणों ने जांच और दोबारा निर्माण की उठाई मांग


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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में कोटला क्षेत्र के बलिपुर से नगला किरू गांव तक बन रही 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दो दिन बाद ही सड़क की गिट्टी हाथ लगाने से उखड़ने लगी. लोगों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और जिलाधिकारी से जांच कराने तथा सड़क का दोबारा निर्माण कराने की मांग की है.

फिरोजाबाद: फिरोजाबाद के कोटला में बलिपुर से तपस्या होकर नगला किरू गांव तक बन रही 2.5 किमी लंबी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है. पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई जा रही इस सड़क में ठेकेदार द्वारा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में अच्छी क्वालिटी की डामर की जगह सिर्फ काले तेल का इस्तेमाल किया जा रहा है.

करोड़ों की लागत से बन रही सड़क दो दिन में उखड़ने लगी, ग्रामीणों में आक्रोश

लोकल 18 की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की. हकीकत चौंकाने वाली थी. सड़क अभी पूरी बनी भी नहीं है और दो दिन पहले बनी सड़क हाथ से ही उखड़ रही है. नगला किरू गांव में रहने वाले गयाप्रसाद ने हाथ से गिट्टी उखाड़ कर दिखाते हुए कहा, साहब ये सड़क दो दिन पहले बनी है. देखिए हाथ लगाते ही गिट्टी निकल रही है. ठेकेदार ने बिल्कुल घटिया माल लगाया है. डामर की जगह सिर्फ काला तेल डाल दिया है. इस पर पैदल चलना भी मुश्किल है.

वहीं दूसरे ग्रामीण सुनील कुमार ने बताया, मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया. हमने ठेकेदार से शिकायत की तो बोला ऐसे ही बनती है.ये सरकारी पैसे की बर्बादी है. बरसात में यह सड़क एक महीना भी नहीं टिक पाएगी.

पंकज ने दर्द बयां करते हुए कहा, 4 साल से सड़क खराब पड़ी थी हमने इस सड़क का सालों इंतजार किया. बरसात में कीचड़ में निकलना पड़ता था. सोचा था अब आराम मिलेगा, लेकिन ये सड़क तो बनने से पहले ही खत्म हो गई. हाथ से रगड़ते ही पूरी परत निकल आती है.

काले तेल से ही बना दी डामर की सड़क

मौके पर देखने पर पता चला कि सड़क की ऊपरी परत बिल्कुल कच्ची है. डामर और गिट्टी के बीच पकड़ ही नहीं बन पाई है. काले तेल की वजह से गिट्टी आपस में बंध नहीं रही है. ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार लागत बचाने के लिए सस्ती सामग्री का उपयोग कर रहा है. इस पूरे मामले को लेकर गांव में आक्रोश है.

जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से जांच की मांग की है. ग्रामीणों की मांग है कि इस घटिया सड़क को उखाड़ कर मानकों के अनुसार अच्छी क्वालिटी की डामर से दोबारा बनाया जाए और भ्रष्ट ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी पैसे का दुरुपयोग रोका जा सके.



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