Business Success Story: एक छोटी-सी परेशानी ने दिखाई कारोबार की राह, ऐसे खड़ा हुआ भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड Mivi

Business Success Story: एक छोटी-सी परेशानी ने दिखाई कारोबार की राह, ऐसे खड़ा हुआ भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड Mivi


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Success Story of Electronics Brand Mivi: हैदराबाद से शुरू हुआ भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड Mivi आज लोकल मैन्युफैक्चरिंग के जरिए अपनी अलग पहचान बना चुका है. कंपनी की सह-संस्थापक मिधुला देवभक्तुनी ने घरेलू स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्माण की सीमित उपलब्धता को देखते हुए भारत में ही डिजाइन, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का ढांचा तैयार करने का फैसला किया. शुरुआत में कंपनी ने कार चार्जर और चार्जिंग केबल जैसे उत्पादों से बाजार में कदम रखा. ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए छह फीट लंबी केबल और टिकाऊ डिजाइन जैसे बदलाव किए. करीब पांच साल की मेहनत के बाद 2020 में कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित की. इसके बाद ऑडियो प्रोडक्ट्स, चार्जिंग उपकरण और अन्य एक्सेसरीज का उत्पादन देश में ही किया जाने लगा. Mivi की यात्रा स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण की दिशा में एक उदाहरण के रूप में सामने आई है.

हैदराबाद. देश के प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में पहचान बना चुके हैदराबाद से एक स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड ने पूरे देश में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. भारतीय कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड Mivi ने विदेशी उत्पादों के दबदबे वाले बाजार में अपनी अलग पहचान कायम की है. कंपनी की सह-संस्थापक मिधुला देवभक्तुनी ने अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि हैदराबाद से शुरू हुआ यह सफर पूरी तरह मेड इन इंडिया की सोच पर आधारित रहा है.

मिधुला ने बताया कि करियर की शुरुआत में जब देश भर का दौरा किया, तब उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि भारत जैसे विशाल बाजार में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्माण घरेलू स्तर पर बेहद सीमित था. ज्यादातर गैजेट्स और एक्सेसरीज विदेशों से आयात की जाती थी. इसी जमीनी हकीकत को देखते हुए देश के भीतर ही उत्पादों के डिजाइन, अनुसंधान और विनिर्माण का मजबूत ढांचा खड़ा करने का फैसला किया.

2020 में कंपनी ने अपनी निर्माण इकाई स्थापित की

उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में कंपनी ने उत्पादों के डिजाइन पर खुद काम किया और निर्माण कार्य बाहर से कराया. लगभग पांच वर्षों की कड़ी मेहनत, सही योजना और चरणबद्ध विस्तार के बाद वर्ष 2020 में कंपनी ने अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित की. इसके बाद से ऑडियो प्रोडक्ट्स, चार्जिंग उपकरण और अन्य एक्सेसरीज का डिजाइन से लेकर पूरा उत्पादन देश के भीतर ही किया जाने लगा. कंपनी की शुरुआत कार चार्जर और चार्जिंग केबल्स जैसे बुनियादी उत्पादों से हुई थी. बाजार में स्थापित होने के लिए उन्होंने ग्राहकों की आम दिक्कतों को ध्यान से समझा.

इस तरह केबल में आनी वाली समस्या को किया दूर

मिधुला ने बताया कि फोन के साथ मिलने वाली सामान्य एक मीटर की छोटी केबल के कारण होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए कंपनी ने छह फीट लंबी केबल तैयार की. इसके साथ ही केबलों के किनारों से मुड़कर कटने या खराब होने की समस्या को हल करने के लिए खास मोल्डिंग और फ्लेक्सिबल स्ट्रेन रिलीफ तकनीक का इस्तेमाल किया. स्थानीय जरूरतों के अनुरूप टिकाऊ उत्पाद तैयार करने की इस व्यावहारिक सोच ने ब्रांड को तेजी से आगे बढ़ाया. हैदराबाद के औद्योगिक माहौल में विकसित यह ब्रांड आज इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सही विजन और मजबूत लोकल मैन्युफैक्चरिंग के दम पर घरेलू कंपनियां भी तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकती है.



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