AISA की नेहा बोरा रिहा, रातभर की हिरासत के बाद दिल्ली पुलिस ने छोड़ा
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Neha Bora Released: दिल्ली पुलिस ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह हिरासत से रिहा कर दिया. उन्हें शुक्रवार शाम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छोड़ा गया.
नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है.. (पीटीआई)
Neha Bora Released: आइसा यानी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेहा बोरा रिहा हो गई हैं. दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को आज यानी शनिवार की सुबह हिरासत से छोड़ दिया. नेहा बोरा शुक्रवार की शाम को तिरंगा मार्च के दौरान ही एहतियाती धाराओं के तहत डिटेन हुई थीं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया.
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था. उसके कुछ मिनट बाद ही नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया था. नेहा बोरा को मंडी हाउस के पास से हिरासत में लिया गया था. वह आइसा और अन्य वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रही थीं.
कहां हिरासत में थीं नेहा बोरा
बहरहाल, शुक्रवार की देर शाम तक नेहा बोरा का भी कुछ पता नहीं चल पाया था कि पुलिस ने उन्हें कहां डिटेन कर रखा है. कई घंटों तक नेहा बोरा के ठिकाने को लेकर अनिश्चितता बनी रही. मगर आधी रात को पता चला कि नेहा बोरा को पुलिस ने आरके पुरम थाने में हिरासत में ले रखा है. आइसा ने कहा कि उसके वकील आधी रात के आसपास आरके पुरम थाने में नेहा से मिल सके. इससे पहले उन्हें पांच घंटे तक दिल्ली में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया गया. संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी रिहाई के समय के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है. साथ ही, पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी होने के बावजूद पुलिस उन्हें दवाएं देने से इनकार कर रही है.
दीपके हुए अरेस्ट
वहीं, अभिजीत दिपके को भी कल ही तिरंगा मार्च के दौरान ही डिटेन किया गया था. मगर उन्हें पुलिस ने रिहा नहीं किया. उल्टे अभिजीत दीपके को प्रिवेंटिव अरेस्ट कर लिया गया है. उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई की गई. अब उन्हें एसईएम (SEM) अदालत में पेश किया जाएगा.
दिपके ने किया था तिरंगा मार्च का ऐलान
गौरतलब है कि अभिजीत दीपके ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘तिरंगा सभा’ का आह्वान किया था. उन्होंने लोगों से अपनी पार्टी के सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में एकत्र होने और तिरंगा फहराने की अपील की थी. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दिपके को दो नोटिस जारी किए थे. पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस में सभा आयोजित नहीं करने की हिदायत दी थी. नोटिस में कहा गया था कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी है और कार्यक्रम स्थल पर निषेधाज्ञा लागू है. पुलिस ने यह भी चेतावनी दी थी कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों के अनुसार, दिपके को जारी किए गए नोटिस में से एक नई दिल्ली जिला प्रशासन की ओर से दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत जारी किया गया था. इसमें उन्हें सेंट्रल पार्क नहीं जाने का निर्देश दिया गया था, क्योंकि वहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है. दूसरा नोटिस दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के अधिकारियों की ओर से जारी किया गया था. इसमें दिपके को याद दिलाया गया कि हवाई अड्डे पर एहतियातन हिरासत में लिए जाने और बाद में अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें, आशुतोष रांका और सौरव दास को कानूनी रूप से पाबंद किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, अदालत के निर्देश के तहत उन्हें एक वर्ष तक ऐसी किसी गतिविधि से दूर रहने को कहा गया था, जिससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है.