रोहतक रोड की होगी री-कार्पेटिंग, लगेंगी नई लाइटें, बदलेगी इन इलाकों की तस्वीर
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राजधानी के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘गवर्नमेंट ऑन व्हील्स’ अभियान की शुरूआत की है. इस अभियान के तहत मध्य और पश्चिमी दिल्ली में ताबड़तोड़ निरीक्षण किया गया है. साथ ही, लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अधिकारियों के साथ इन इलाकों की सड़कों, नालों और लाइटिंग का जायजा लिया् इस दौरान रोहतक रोड की री-कार्पेटिंग, रानी झांसी फ्लाईओवर के नीचे नई लाइटें लगाने और जखीरा में नालों की सफाई के कड़े निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली में ‘गवर्नमेंट ऑन व्हील्स’ अभियान के तहत निरीक्षण करते पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी. (इमेज: वीडियो ग्रैब)
दिल्ली न्यूज. दिल्ली की सड़कों में गड्ढे, टूटे फुटपाथ, गंदगी और जलभराव जैसी समस्याओं जल्द ही कल की बात होने जा रही है. दिल्लीवालों को इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं. शनिवार को ‘गवर्नमेंट ऑन व्हील्स’ अभियान के तहत मध्य और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों का निरीक्षण किया गया. इस दौरान रोहतक रोड की री-कार्पेटिंग, रानी झांसी फ्लाईओवर के नीचे नई लाइटें लगाने और जखीरा में नालों की सफाई के आदेश दिए गए हैं.
‘गवर्नमेंट ऑन व्हील्स’ अभियान के तहत मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ एक ही बस में बैठकर कई इलाकों का दौरा किया. इस दौरान पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, जिलाधिकारी कार्यालय और एमसीडी के अधिकारी मौजूद रहे. टीम ने अलग-अलग जगहों पर रुककर सड़कों, नालों, फुटपाथों और लाइटिंग की स्थिति का जायजा लिया. कई जगह दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों ने भी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के सामने अपनी समस्याएं रखीं. इसके बाद संबंधित विभागों को मौके पर ही जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए.
रोहतक रोड की होगी पूरी री-कार्पेटिंग
- निरीक्षण के दौरान रोहतक रोड की खराब हालत का मुद्दा सामने आया. यहां पर डीटीएल और बीएसईएस ने कई जगहों पर खुदाई की है. इस खुदाई की वजह से सड़कों की हालत लंबे समय से खराब है.
- मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने निर्देश दिया कि दिल्ली जल बोर्ड, बीएसईएस और डीटीएल के लंबित काम पूरे होने के बाद सड़क की पूरी री-कार्पेटिंग की जाए. सभी एजेंसियों को आपसी तालमेल से काम करने को कहा गया है, ताकि सड़क बनने के बाद दोबारा खुदाई की नौबत न आए.
- वहीं, रानी झांसी रोड और ईदगाह रोड पर भी सड़क के टूटे हिस्सों और क्षतिग्रस्त फुटपाथों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं. पीडब्ल्यूडी को यह काम 15 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
फ्लाईओवर के नीचे एक सप्ताह में लगेंगी नई लाइटें
- रानी झांसी फ्लाईओवर के नीचे लाइटिंग और सफाई की समस्या को दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी और एमसीडी को एक सप्ताह का समय दिया गया है.
- दोनों विभागों को नई लाइटें लगाने, सफाई अभियान चलाने और अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं. वहीं, न्यू रोहतक रोड और जखीरा इलाके में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नालों की सफाई की जाएगी.
- पीडब्ल्यूडी को नालों से गाद निकालने और बंद पड़े आउटलेट को साफ करने को कहा गया है, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी बेहतर हो सके.
करमपुरा फ्लाईओवर और पटेल रोड के भी बदलेंगे हालात
- करमपुरा फ्लाईओवर, पटेल रोड और शादीपुर इलाके में भी सड़क से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जाएगा. पीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी को गड्ढों की मरम्मत करने, सड़क पर रोड मार्किंग और साइनेज ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं.
- मेट्रो स्ट्रक्चर के पास पड़े मलबे को भी हटाने के लिए कहा गया है. इसके अलावा, शंकर रोड पर सड़क किनारे पड़े मलबे को हटाने और सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने की जिम्मेदारी एमसीडी को दी गई है.
काम पूरा होने के बाद दोबारा निरीक्षण करूंगा
दिल्ली के लोगों को गड्ढों से मुक्त सड़कें, साफ नाले और सुरक्षित फुटपाथ मिलने चाहिए. इस अभियान में छह विभागों ने एक साथ मौके पर समस्याओं को देखा और उनके समाधान की जिम्मेदारी तय की. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कि वे तय समय सीमा में काम पूरा करें. इसके बाद उन्हीं जगहों पर दोबारा जाकर उन्हें काम की स्थिति दिखाएं. अधिकारियों की जवाबदेही केवल निर्देश देने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि तय समय में काम पूरा करना भी जरूरी होगा.
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एक महीने के भीतर होगी काम की समीक्षा
‘गवर्नमेंट ऑन व्हील्स’ अभियान पिछले साल शुरू किया गया था. इसके तहत अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारी एक साथ मौके पर जाकर समस्याओं का निरीक्षण करते हैं और समाधान के लिए जिम्मेदारी तय करते हैं. इससे पहले अभियान के तहत पूर्वी दिल्ली, बाहरी और ग्रामीण दिल्ली तथा दक्षिणी दिल्ली में निरीक्षण किया जा चुका है. अब मध्य और पश्चिमी दिल्ली में दिए गए निर्देशों की एक महीने के भीतर समीक्षा की जाएगी. सरकार के मुताबिक, इस तरह के निरीक्षण आगे भी दिल्ली के दूसरे इलाकों में जारी रहेंगे.