फ्री फायर ID खरीदने के बहाने बिहार से बुलाया, फिर यूट्यूबर से लूटे ₹2.60 लाख, इटावा वाले लुटेरे गिरफ्तार

फ्री फायर ID खरीदने के बहाने बिहार से बुलाया, फिर यूट्यूबर से लूटे ₹2.60 लाख, इटावा वाले लुटेरे गिरफ्तार


इटावा: कभी चंबल घाटी में डाकुओं का आतंक हुआ करता था, लेकिन अब तकनीकी अपराधियों के बोलबाले ने पुलिस की नींद उड़ा दी है. ऐसी ही एक सनसनीखेज वारदात चंबल इलाके से जुड़े उत्तर प्रदेश के इटावा में हुई है, जहां बिहार के यूट्यूबर अंशु कुमार को फ्री फायर गेम आईडी खरीदने के बहाने लूट लिया गया. लूट की वारदात के सामने आने के बाद इटावा की सिविल लाइन पुलिस ने पीड़ित यूट्यूबर अंशु कुमार की शिकायत पर लुटेरों की सरगर्मी से तलाश शुरू की और उनकी गिरफ्तारी की तो पता चला कि यह लुटेरे कई दफा ऐसी वारदात को अंजाम दिए हैं और अवैध हथियारों को बेचने का काम भी करते हैं.

इटावा की सिविल लाइन पुलिस ने इस सिलसिले में पिता-पुत्र समेत 3 अपराधियों को गिरफ्तार किया है. फ्री फायर गेम की आईडी खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को इटावा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि बिहार से आए युवकों को गेम आईडी खरीदने के बहाने इटावा बुलाया गया और उनकी गेम आईडी अपने मोबाइल में ट्रांसफर कराने के बाद 2 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किए बिना आरोपी फरार हो गए. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, एक 12 बोर की बंदूक, चार जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन, 850 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई एक अल्टो कार बरामद की है.

तय रकम दिए बिना मौके से फरार
पूरा मामला इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव निवासी अंशु कुमार ने 15 अक्टूबर 2026 को पुलिस को शिकायत दी थी. शिकायत के अनुसार, फ्री फायर गेम की आईडी खरीदने-बेचने के सिलसिले में उन्हें और उनके दो साथियों को इटावा बुलाया गया था. इटावा रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आरोपियों की ओर से भेजी गई लोकेशन पर वे नगर पालिका के जेई आवास के सामने पौधशाला के पास पहुंचे. यहां कथित तौर पर आरोपियों ने उनकी गेम आईडी अपने मोबाइल फोन में ट्रांसफर करवा ली और तय रकम दिए बिना मौके से फरार हो गए.

घेराबंदी के बाद आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान 16 और 17 अक्टूबर की दरमियानी रात थाना सिविल लाइन और थाना बढ़पुरा पुलिस की संयुक्त टीम लायन सफारी रोड पर ठंडी पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि मामले से संबंधित आरोपी सफेद रंग की अल्टो कार से उदी की तरफ से लायन सफारी रोड की ओर आ रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

आरोपियों के पास से तमंचा-कारतूस बरामद
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओपेन्द्र भदौरिया, देवेंद्र और अभिराम के रूप में हुई है. तीनों इटावा जिले के बढ़पुरा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं. पुलिस ने इनके कब्जे से दो तमंचे 315 बोर, एक अधिया बंदूक 12 बोर, चार जिंदा कारतूस 315 बोर, दो मोबाइल फोन, 850 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई अल्टो कार बरामद की है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने गेम आईडी के बदले तय की गई 2 लाख 60 हजार रुपये की रकम का भुगतान नहीं किया.

पहले से धोखाधड़ी के मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए उनके आने-जाने के ट्रेन टिकट भी बुक कराए थे. इस मामले में थाना सिविल लाइन में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में मुकदमा संख्या 177/2026 दर्ज किया गया है. वहीं, अवैध हथियारों की बरामदगी के संबंध में मुकदमा संख्या 178/2026, आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत दर्ज किया गया है. आरोपी देवेंद्र और ओपेन्द्र भदौरिया के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों और अन्य अपराधों से संबंधित मामले दर्ज हैं.

पुलिस ने लोगों को दी चेतावनी
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली थाना सिविल लाइन और थाना बढ़पुरा पुलिस की संयुक्त टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा की ओर से 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है. फिलहाल, पुलिस की इस कार्रवाई ने ऑनलाइन गेमिंग आईडी के लेन-देन में बरती जाने वाली सावधानी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ गेमिंग अकाउंट या डिजिटल संपत्ति का लेन-देन करते समय पहचान, भुगतान और सुरक्षा की पुष्टि करना बेहद जरूरी है.



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