देहरादून. उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या अपने राजनीतिक कामकाज से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं. बीजेपी की तीन बार विधायक रह चुकीं रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी पर रेखा आर्या ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने पति पर मारपीट, जातिसूचक गालियां देने, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में जालसाजी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर आई और उन्हें देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया.
इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर पति-पत्नी के बीच ऐसा क्या हुआ कि मामला पुलिस तक पहुंच गया? रेखा आर्या को अपनी निजी जिंदगी पर सार्वजनिक रूप से सफाई क्यों देनी पड़ रही है? और उनके पति ने पलटवार करते हुए मंत्री पर 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप क्यों लगाया है? इन सवालों के जवाब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों में छिपे हैं.
2004 में हुई थी शादी, अब रिश्ते पर गंभीर आरोप
रेखा आर्या की शिकायत के मुताबिक, उनकी शादी 6 जुलाई 2004 को गिरधारी लाल साहू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी. मंत्री ने आरोप लगाया है कि शादी के समय उनके पति ने अपनी पहली शादी और बच्चों की जानकारी उनसे छिपाई थी. उनका दावा है कि बाद में उन्हें इस बारे में पता चला, लेकिन बच्चों के भविष्य और परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने लंबे समय तक इस मामले को निजी बनाए रखा. अब 22 साल बाद रेखा आर्या ने यह राज क्यों खोला?
रेखा आर्या ने पुलिस को दी शिकायत
अब रेखा आर्या ने पुलिस के सामने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े कई गंभीर आरोप रखे हैं. उन्होंने मारपीट और जातिसूचक अपशब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाने के साथ यह आशंका भी जताई है कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही थी. उन्होंने दस्तावेजों में कथित जालसाजी और कुछ कंपनियों में अपने पद से हटाए जाने से संबंधित आरोप भी लगाए हैं. इन आरोपों के आधार पर देहरादून के गढ़ी कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही तय होगी.
मंत्री रेखा आर्य ने फिर लगाए आरोप.
सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो से कैसे बढ़ा विवाद?
इस विवाद को सार्वजनिक करने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही. रेखा आर्या ने वीडियो साझा कर अपनी पीड़ा जाहिर की. उन्होंने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया, जिसके बारे में उनका दावा है कि उसमें उनकी हत्या की साजिश से जुड़ी बातचीत सुनाई देती है. मंत्री ने अपने बयान में कहा कि वह आम तौर पर अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक मामलों से दूर रखती हैं, लेकिन इस बार उन्हें लगा कि चुप रहना सही नहीं होगा. उनके मुताबिक, ऑडियो सुनने के बाद कानूनी कार्रवाई की जरूरत स्पष्ट हो जाती है.
210 करोड़ की संपत्ति का आरोप
रेखा आर्या ने यह भी कहा कि किसी महिला का ताकतवर पद पर होना उसे घरेलू हिंसा या उत्पीड़न से अछूता नहीं बनाता. महिला को अपने आत्मसम्मान और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवाज उठानी चाहिए. रेखा आर्या की एफआईआर के बाद गिरधारी लाल साहू ने भी सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा. उन्होंने मंत्री पर करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया और जांच की मांग की. साहू ने कथित ऑडियो को फर्जी और एआई से तैयार किया गया बताते हुए आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने रेखा आर्या से अपने बयान और शिकायत वापस लेने की अपील भी की. इस तरह मामला अब सिर्फ घरेलू विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप ने इसे राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है.
उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति पर दर्ज करवाई FIR
रेखा आर्या बार-बार मीडिया की सुर्खियों में क्यों आती हैं?
यहां अहम बात यह है कि मंत्री के पति की ओर से लगाए गए संपत्ति संबंधी आरोप भी फिलहाल आरोप ही हैं. रेखा आर्या का राजनीतिक सफर लंबा रहा है. वह तीन बार विधायक चुनी जा चुकी हैं और उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं. वर्तमान विवाद इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि वह महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभाग की मंत्री हैं. ऐसे में घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा पर उनका सार्वजनिक बयान स्वाभाविक रूप से व्यापक ध्यान खींच रहा है.
साहू ने बिहार के महिलाओं पर दिया आपत्तिजनक बयान
लेकिन यह पहली बार नहीं है जब उनके परिवार से जुड़ा कोई मामला सार्वजनिक चर्चा में आया हो. जनवरी 2026 में उनके पति गिरधारी लाल साहू का बिहार की महिलाओं को लेकर दिया गया कथित बयान विवादों में आ गया था. उस बयान को लेकर आलोचना हुई थी और बाद में साहू ने सफाई भी दी थी. अब पति-पत्नी के बीच गंभीर आरोपों का यह नया विवाद एक बार फिर परिवार को सुर्खियों में ले आया है.
रेखा आर्या भाजपा की मंत्री हैं और उनका विभाग महिलाओं तथा बच्चों के कल्याण से जुड़ा है. ऐसे में उनके द्वारा घरेलू हिंसा के आरोप सार्वजनिक करना महिला सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ी बहस को जन्म देता है. विपक्ष ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है. दूसरी ओर, पति की ओर से लगाए गए आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों ने विवाद को और जटिल बना दिया है. अब पुलिस जांच, ऑडियो की प्रामाणिकता और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल ही तय करेगी कि कानूनी रूप से कौन-से आरोप टिकते हैं.