तिहाड़ में सौरव दास-आशुतोष रांका पर CCTV से चौबीसों घंटे नजर, दोनों को अलग सेल
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Saurav Das-Ashutosh Ranka In Tihar: कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका फिलहाल 5 दिनों की हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं. वहां दोनों को अलग-अलग सेल में रखा गया है. सीजेपी नेताओं को जेल के उस हिस्से में रखा गया है, जहां कैदियों की भीड़-भाड़ काफी कम है. इन दोनों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है.
सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में तिहाड़ जेल के अलग-अलग सेल में रखा गया है. (फाइल फोटो)
Saurav Das-Ashutosh Ranka In Tihar: कॉकरोच जनता पार्टी के दो सीनयर लीडर सौरव दास और आशुतोष रांका फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. इन दोनों को तिहाड़ के सबसे कम क्राउड वाले हिस्से में रखा गया है. सीजेपी के दोनों नेताओं पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है. खाने में दाल-रोटी, चावल और सब्जी दिया जा रहा है. जेल के अधिकारियों ने बताया कि दोनों को टीवी देखने और अखबार पढ़ने की सुविधा भी दी जा रही है. सीजेपी के दोनों नेता जमीन पर सोते हैं. उन्हें कंबल दिए गए हैं.
तिहाड़ जेल में बंद सीजेपी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को अलग-अलग जेलों के कम भीड़भाड़ वाले वार्ड में रखा गया है. जेल प्रशासन उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उनके सेल में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और उन्हें चौबीसों घंटे निगरानी में रखा गया है. जेल रिकॉर्ड के अनुसार, दास का कैदी नंबर 3752 है, जबकि रांका का कैदी नंबर 1784 है. दोनों को शुरुआत में जेल नंबर 2 में रखा गया था, लेकिन बाद में रांका को जेल नंबर 4 में ट्रांसफर कर दिया गया. सौरव दास जेल नंबर दो के वार्ड तीन में हैं, जबकि रांका जेल नंबर चार के वार्ड 15 में बंद हैं.
सौरव दास को वहीं रखा गया जहां केजरीवाल रहे थे
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, तिहाड़ जेल के एक सूत्र ने बताया कि दोनों के वार्ड अलग हैं और दूसरे वार्ड के किसी कैदी को वहां जाने की अनुमति नहीं है. दोनों को जेल कैंपस के अपेक्षाकृत कम भीड़भाड़ वाले हिस्सों में रखा गया है. सौरव दास उसी जेल में बंद हैं, जहां दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले रह चुके हैं. कार्यकर्ता और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद भी इसी जेल में हैं, हालांकि उन्हें अलग उच्च सुरक्षा वाले सेल में रखा गया है. वहीं, जेल नंबर चार में पहले विपश्यना ध्यान कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे और यहां हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा भी रह चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने दोनों नेताओं से मुलाकात की. इनमें से एक ने दूसरे कैदी से मिलने का मौखिक अनुरोध किया था, जिसे प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया.
खाने में दाल-रोटी, टीवी-अखबार की भी सुविधा
जेल में बंद आशुतोष रांका और सौरव दास को सुबह और शाम पुलिसकर्मियों की निगरानी में अपने वार्ड के आसपास टहलने की अनुमति दी गई है. जेल में कैदियों की दिनचर्या के तहत उन्हें सुबह अपनी बैरक या सेल से बाहर निकलने, दैनिक कामकाज निपटाने, नहाने और निर्धारित खुले स्थानों पर टहलने या व्यायाम करने का समय दिया जाता है. इस दौरान जेल के वार्डर उनकी निगरानी करते हैं. अधिकारी के मुताबिक, नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच ज्यादा समय नहीं होता है. कैदियों को सुबह 11 बजे तक अपना भोजन लेना होता है. जेल में दोपहर के भोजन में चावल, रोटी, दाल और एक सूखी सब्जी दी जाती है. तिहाड़ जेल में 14 हजार से अधिक कैदी बंद हैं, जिनमें करीब तीन-चौथाई विचाराधीन कैदी हैं. सौरव दास और आशुतोष रांका को टीवी देखने और अखबार पढ़ने की सुविधा दी गई है.