ढाई लाख की लागत से सालाना 12 लाख तक कमाई, सुमन ने बताया मधुमक्खी पालन का लाभ
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लोगों ने खेती-किसानी का तरीका बदल लिया है. अब लोग सिर्फ अनाज ही नहीं बल्कि मार्केट में डिमांड वाले फूल से लेकर फल-सब्जी आदि की खेती करते हैं. कई लोग इससे भी हटकर डेयरी और मधुमक्खी पालन जैसे काम करते हैं. मानसून खत्म होने के बाद एक बार फिर मधुमक्खी पालन का समय आ गया है. यदि आप भी इस काम में हाथ आजमाना चाहते हैं तो चंपारण की सुमन देवी ने इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है. सुमन बीते चार वर्षों से इस काम से जुड़ी हैं और बढ़िया मुनाफा भी कमा रही हैं.
आशीष कुमार/पश्चिम चम्पारण: मॉनसून ख़त्म होने के साथ एक बार फिर मधुमक्खी पालन का समय शुरू हो गया है. बरसात की वजह से अपने इस कारोबार को बंद कर चुके सभी किसान नए जोश के साथ एक बार फिर इसकी शुरुआत करने में जुट गए हैं. इस दौरान कुछ नए लोग भी मधुमक्खी पालन के इस व्यवसाय से जुड़ते नज़र आ रहे हैं. नए लोगों इस काम के बारे में जितनी जानकारी होगी उन्हें इस काम को करने में उतनी आसानी होगी. इससे उन्हें मुनाफा भी बढ़िया होगा.
अक्टूबर से शुरू करें मधुमक्खी पालन
क़रीब चार वर्षों से मधुमक्खी पालन कर रही बगहा 2 प्रखंड की कदमाहिया गांव निवासी सुमन देवी बताती हैं कि, इसकी शुरुवात ढाई लाख रुपए की लागत से की जा सकती है. मजे की बात यह है कि पालन के पहले महीने से ही बॉक्सेस में शहद का निर्माण शुरू हो जाता है, जिसकी हार्वेस्टिंग कर पालक उसे ऊंची कीमतों पर बेच सकते हैं.
पहले महीने से शुरू हो जाती है शहद की हार्वेस्टिंग
सुमन बताती हैं कि मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है, जिसमें व्यावसायिकों को सिर्फ बॉक्सेस में रह रही मधुमक्खियों के उचित देखभाल की आवश्यकता होती है. फल फूलों से घिरे उचित वातावरण में मधुमक्खियां आजादी से घूमती हैं और वनस्पतियों से रस का पान करती हैं. दिन भर विचरण करने के बाद वो पुनः बॉक्सेस में वापस लौट आती हैं और उसमें मौजूद फ्रेम में बने छत्ते की आकृति वाले कॉम्ब में शहद का निर्माण करती हैं.
हर बॉक्स से 5 किलो तक शहद की प्राप्ति
इस व्यवसाय की सबसे खूबसुरत बात यह है कि शुरू करने के ठीक एक महीने बाद से शहद की हार्वेस्टिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है. बाजार में एक हजार रुपए किलो के भाव में आप शहद बेच सकते हैं. अगर आप मार्केटिंग और ब्रांडिंग करना जानते हैं तो इस गौर करने वाली बात यह है कि ढाई लाख रुपए की लागत से आप मधुमक्खियों से भरे करीब 50 बॉक्सेस की खरीदारी कर सकते हैं. इन सभी बॉक्सेस से हर महीने 100 से 250 किलो तक शहद की हार्वेस्टिंग की जा सकती है.
साल के 8 महीने चलता है चक्र
सर्दियों में (सरसों के मौसम में) अक्टूबर से लेकर फरवरी तक हर बॉक्स से 5 किलो तक शहद की हार्वेस्टिंग हो जाती है, लेकिन मार्च से मई तक प्रति बॉक्स सिर्फ दो किलो तक ही शहद की हार्वेस्टिंग हो पाती है. बाकी जून से लेकर सितंबर तक हार्वेस्टिंग बंद रहती है और मधुमक्खियों का ध्यान रखना बेहद अनिवार्य हो जाता है.
सालाना 12 लाख रुपए तक की कमाई
कुल मिलकर कहें तो, साल के चार महीने छोड़ कर 8 महीनों में करीब 1200 किलो तक शहद की हार्वेस्टिंग हो जाती है, जिसे हज़ार रुपए की दर से बेचने पर 12 लाख और 500 रुपए प्रति किलो की दर से बेचने पर 6 लाख रुपए की आमदनी पक्की हो जाती है. अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मधुमक्खी पालन में समय देना आपको किस कदर लाभ दे सकता है.